Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole
डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन
संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर
डिग्री- एम.बी.बी.एस
अनुभव- 28 वर्ष
कोरोना की दूसरी लहर के बाद से लोगों के बीच कोरोना का खौफ इतना बढ़ गया है कि जिसको जो इलाज नजर आ रहा है या जिसको जो सलाह मिल रही है, वो व्यक्ति बिना किसी चिकित्सकीय परामर्श के खुद पर आजमा रहा है लेकिन बहुत आवश्यक है कि इस समया हम ये जानें कि इंसान चूहा नहीं है कि उसपर कोई भी परीक्षण किया जा सके। कई सारे लोगों ने कोरोना न होने पर भी लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स का सेवन जारी रखा। जरा सी खांसी और जुकाम होने पर किसी दोस्त, रिश्तेदार के कहने पर इसका सेवन शुरू कर दिया जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोगों को बाद में परेशान भी होना पड़ा। अगली स्लाइड्स से जानिए कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक्स लेना क्यों है खतरे से खाली।