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एंटीबायोटिक्स का अधिक सेवन खतरे से खाली नहीं, जा सकती है जान भी

Mon, 24 May 2021 04:36 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स का सेवन जारी रखा - फोटो : Social Media

Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole

डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन

संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर

डिग्री- एम.बी.बी.एस

अनुभव- 28 वर्ष

कोरोना की दूसरी लहर के बाद से लोगों के बीच कोरोना का खौफ इतना बढ़ गया है कि जिसको जो इलाज नजर आ रहा है या जिसको जो सलाह मिल रही है, वो व्यक्ति बिना किसी चिकित्सकीय परामर्श के खुद पर आजमा रहा है लेकिन बहुत आवश्यक है कि इस समया हम ये जानें कि इंसान चूहा नहीं है कि उसपर कोई भी परीक्षण किया जा सके। कई सारे लोगों ने कोरोना न होने पर भी लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स का सेवन जारी रखा। जरा सी खांसी और जुकाम होने पर किसी दोस्त, रिश्तेदार के कहने पर इसका सेवन शुरू कर दिया जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोगों को बाद में परेशान भी होना पड़ा। अगली स्लाइड्स से जानिए कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक्स लेना क्यों है खतरे से खाली। 

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बैक्टीरिया आसानी से अपनी संख्या भी बढ़ा लेते हैं - फोटो : iStock

खुद से न लें एंटीबायोटिक्स
एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों को खत्म करने के लिए ली जाती हैं और यह सर्दी, खांसी, बुखार जैसे वायरल इंफेक्शन को खत्म नहीं कर पाती हैं बिना चिकित्सक के परामर्श के एंटीबायोटिक का सेवन न करें। जो लोग एंटीबायोटिक का ज्यादा सेवन करने लगते हैं तो कई बार ऐसा होता है कि एंटीबायोटिक दवाइयों का बैक्टीरिया पर असर ही नहीं पड़ता। बैक्टीरिया खुद को कुछ इस तरह बदल डालते हैं कि किसी दवा का उनपर बिलकुल ही असर नहीं पड़ता है। जब असर नहीं पड़ता है बैक्टीरिया आसानी से अपनी संख्या भी बढ़ा लेते हैं। 

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एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है - फोटो : Social media

मौत तक हो सकती है
डब्लूएचओ के अनुसार, खुद से ही किसी की सलाह पर एंटीबायोटिक दवा लेने से शरीर को नुकसान पहुंचता है। एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण तक हो सकता है जिससे मरीज को फिर लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहकर इलाज करवाना होता है। स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर मरीज की मौत तक हो सकती है। एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।

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बैक्टीरिया अपना स्वरूप बदल लेता है - फोटो : Pixabay

क्या है एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण? 
डॉक्टर के अनुसार लोगों को नहीं पता है कि एंटीबायोटिक प्रतिरोधक संक्रमण जैसा भी कुछ होता है लेकिन आज के समय में इस समस्या को गंभीरता से लेने की बहुत जरूरत है। एंटीबायोटिक दवाएं, वे दवाएं हैं जो कि वायरस संक्रमण को रोकने और इलाज के लिए उपयोग में ली जाती है और एंटीबायोटिक प्रतिरोध तब होता है, जब इन दवाओं के उपयोग के जवाब में बैक्टीरिया अपना स्वरूप बदल लेता है। बैक्टीरिया अपना स्वरूप तब बदलता है जब बिना आवश्यकता के भी इनका सेवन किया जाता है। 

 

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इंफेक्शन जल्दी ठीक नही हो पाता है - फोटो : pixabay

संक्रमण और भी गंभीर हो सकता है
ज्यादा एंटीबायोटिक लेने पर डायरिया जैसी पेट की बीमारियां हो सकती है। डॉक्टर से पूछे बिना यदि आप गलत एंटीबायोटिक ले लेते हैं तो हो सकता है कि उस दवा से आपको कोई एलर्जी निकल आए, ऐसे में तो समस्या और भी विकट हो सकती है। एंटीबायोटिक का सही सेवन न करने से ऐंटीबायोटिक रेसिस्टेंट ऑर्गेज्मस विकसित हो सकते हैं जिनके चलते इंफेक्शन जल्दी ठीक नही हो पाता है और गंभीर रूप ले सकता है।

नोट- यह लेख संत रविदास हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेष अकोले से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर विशेष अकोले पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री जी.एस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उत्तर प्रदेश से ली है।

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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