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Health Tips: इन लक्षणों का मतलब शरीर में बढ़ गया है स्ट्रेस हार्मोन, जानिए इसके नुकसान और कंट्रोल करने के उपाय

Fri, 05 Jan 2024 04:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्ट्रेस बढ़ने की समस्या - फोटो : istock
मेडिकल साइंस कहता है, हमारे शरीर में होने वाली सारी गतिविधियों के पीछे किसी न किसी हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सोने से लेकर, भूख लगने तक सभी इच्छाएं इन्हीं हार्मोन्स द्वारा संचालित होती हैं। इस दौड़ती-भागती दुनिया में तनाव होना, चिंता बढ़ना या फिर कई अन्य मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे भी एक महत्वपूर्ण हार्मोन काम करता है?  

अक्सर हम तनाव और चिंता से खुद को ग्रस्त महसूस करते हैं, असल में ये स्थितियां स्ट्रेस हार्मोन के बढ़ने के कारण होती हैं। स्ट्रेस हार्मोन को 'कोर्टिसोल' के नाम से भी जाना जाता है। शरीर में इस हार्मोन का स्तर बढ़ने से हमें अधिक तनाव महसूस हो सकता है, मांसपेशियों में तनाव और हृदय संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

कोर्टिसोल सिर्फ तनाव को ही नहीं बढ़ाता है, शरीर में इसके कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लंबे समय तक शरीर में कोर्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर कई प्रकार की समस्याओं का कारक हो सकता है, पर कैसे जानें कि आप भी हाई कोर्टिसोल के शिकार हैं? इसके लिए कुछ लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
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स्ट्रेस हार्मोन के बढ़े हुए स्तर के संकेत - फोटो : Pixabay
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

साइकोलॉजिस्ट कैरोलीन मिडल्सडोर्फ ने सोशल मीडिया पर बताया कि शरीर में स्ट्रेस हार्मोन के बढ़े हुए स्तर के संकेतों की किस प्रकार से पहचान की जा सकती है? मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहती हैं, इस हार्मोन का बढ़ना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, दोनों को प्रभावित करने वाला हो सकता है।
 

कोर्टिसोल एक स्टेरॉयड हार्मोन है जो एडर्नल ग्रंथियों द्वारा निर्मित होता है। जब आप तनावग्रस्त होते हैं, तो आपके रक्तप्रवाह में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने लगता है जिसके कारण कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं भी हो सकती हैं।
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नींद की कमी का खतरा - फोटो : istock
नींद में कमी

हमें कभी-कभी सोने में कठिनाई महसूस हो सकती है। नींद की गुणवत्ता और अवधि में कमी के कारण पूरे दिन शरीर और दिमाग थका हुआ महसूस कर सकता है। पर अगर आपको अक्सर ही नींद न आने की समस्या महसूस होती रहती है तो ये संकेत हो सकता है कि आप अधिक तनाव ले रहे हैं या फिर शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ा हुआ है। नींद न आने की इस दिक्कत के कारण कई प्रकार की और भी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ने लगता है।

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पाचन की समस्या - फोटो : iStock
गड़बड़ हो सकता है पाचन

अक्सर पाचन की समस्याओं को खान-पान में गड़बड़ी से जोड़कर देखा जाता है। पर अगर आप स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन कर रहे हैं फिर भी कब्ज, पेट में दर्द, शौच या पाचन की अन्य समस्याएं बनी रहती हैं तो ये संकेत हो सकता है कि कोर्टिसोल का स्तर बढ़ा हुआ है। इस हार्मोन का बढ़ना आपके भोजन के पाचन और इसके मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित कर सकता है जिसके कारण पेट की विकारों का आपको अनुभव हो सकता है।
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वजन की समस्या - फोटो : Pixabay
वजन बढ़ना या कम होना

स्वस्थ आहार और वर्कआउट रूटीन का ध्यान रखकर आप वजन को कंट्रोल रख सकते हैं। पर अगर आपको कुछ समय से वजन बढ़ने या कम होने जैसी समस्याओं का अनुभव हो रहा है, वजन को नियंत्रित करने में कठिनाई हो रही है या फिर शरीर का वजन घटता-बढ़ता रहता है तो इसे भी कोर्टिसोल के स्तर में वृद्धि से संबंधित समस्या के तौर पर देखा जाता है। ये हार्मोन चूंकि आपके मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने लगता है इसलिए आपको वजन से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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