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Diabetes: डायबिटीज रोगियों की डाइट में क्यों जरूरी हैं क्रोमियम वाली चीजें? क्या हैं इसके फायदे

Sun, 15 Mar 2026 09:02 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्रोमियम एक ट्रेस मिनरल है, यानी शरीर को इसकी बहुत कम मात्रा (माइक्रोग्राम में) जरूरत होती है । यह इंसुलिन हार्मोन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। इंसुलिन वह हार्मोन है जो खून में मौजूद ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाकर ऊर्जा में बदलता है।
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डायबिटीज में खान-पान की भूमिका - फोटो : Adobe stock
डायबिटीज यानी ब्लड शुगर बढ़े रहने की बीमारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण है। जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है, उनमें समय के साथ किडनी, आंखों और नसों से संबंधित समस्याओं का जोखिम होता है। यही कारण है कि डॉक्टर सभी लोगों को निरंतर शुगर लेवल  को कंट्रोल रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।

डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज की बीमारी तब होती है जब शरीर मात्रा में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या जो इंसुलिन बनता है उसका इस्तेमाल नहीं कर पाता है। हालांकि खान-पान में सुधार करके इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। यही वजह है कि डायबिटीज में दवा के साथ सही डाइट बेहद जरूरी हो जाता है।

अध्ययनों से पता चलता है कि हमारी डाइट में कई ऐसी चीजें हैं जो इंसुलिन के कार्यों में सुधार करके शुगर लेवल बढ़ने से रोक सकती हैं। क्रोमियम भी ऐसा ही एक आवश्यक पोषक तत्व है।
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आहार पर ध्यान देना जरूरी - फोटो : Adobe Stock
डायबिटीज में डाइट पर ध्यान देना जरूरी

डायबिटीज रोगियों को आहार में प्रोटीन और फाइबर वाली चीजों को जरूर शामिल करने की सलाह दी जाती है। 
 
  • फाइबर भोजन के पाचन को धीमा करता है। इससे ग्लूकोज धीरे-धीरे खून में पहुंचता है और अचानक शुगर स्पाइक नहीं होता। 
  • इसी तरह दाल, पनीर, अंडा, मछली जैसी प्रोटीन वाली चीजें ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करती हैं। 

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज वाले मरीजों को प्रोटीन और फाइबर के साथ आहार में क्रोमियम वाले खाद्य पदार्थों को भी जरूर शामिल करना चाहिए। क्रोमियम, ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से कंट्रोल करने में लाभकारी पाया गया है।
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क्रोमियम वाली चीजों को करें डाइट में शामिल - फोटो : Freepil.com
डाइट में क्यों क्यों जरूरी है क्रोमियम

आहार विशेषज्ञ बताते हैं, क्रोमियम एक ट्रेस मिनरल है यानी शरीर को इसकी बहुत कम मात्रा में जरूरत होती है। यह इंसुलिन हार्मोन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार वयस्कों के लिए प्रतिदिन लगभग 35 माइक्रोग्राम और महिलाओं के लिए 25 माइक्रोग्राम क्रोमियम की जरूरत होती है। 
 
  • क्रोमियम कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है। 
  • क्रोमियम को लिपिड प्रोफाइल सुधारने में भी सहायक पाया गया है। डायबिटीज रोगियों में इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण कोलेस्ट्रॉल का खतरा रहता है, जिससे हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।

अध्ययन से पता चलता है कि टाइप-2 डायबिटीज वाले रोगियों में क्रोमियम इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाकर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। कुछ क्लिनिकल अध्ययनों में पाया गया है कि क्रोमियम सप्लीमेंट लेने से फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c स्तर में भी सुधार देखा गया है।
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डाइट में किन चीजों को करें शामिल - फोटो : Freepil.com
कैसे प्राप्त करें क्रोमियम?

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, क्रोमियम की मदद से लंबे समय तक शुगर कंट्रोल करना आसान हो सकता है, हालांकि इसे दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता। डायबिटीज कंट्रोल रखने के लिए सही डाइट, नियमित व्यायाम और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं लेना जरूरी है। 

आहार में क्रोमियम वाली चीजों की मात्रा बढ़ाने से भी लाभ पाया जा सकता है। साबुत अनाज जैसे गेहूं, जौ और ओट्स इसके अच्छे स्रोत माने जाते हैं। ब्रोकली, हरी बीन्स, आलू और टमाटर जैसी सब्जियां भी क्रोमियम की मात्रा होती है।



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स्रोत: 
Molecular Mechanisms of Chromium in Alleviating Insulin Resistance


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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