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Health Tips: सेंधा नमक या आयोडाइज्ड नमक, कौन-सा है अधिक फायदेमंद? डॉक्टर से जानें

Fri, 27 Feb 2026 05:21 PM IST
Shikhar Baranawal हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rock Salt ke Fayde aur Nuksan: इन दिनों सेंधा नमक का सेवन का चलन बढ़ गया है। डॉक्टर प्रियांका सेहरावत इसी विषय पर एक वीडियो बनाकर जो बताया है उसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
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सेंधा नमक - फोटो : freepik
Iodized Salt vs Pink Himalayan Salt: नमक हम सभी के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। नमक के महत्व को आप ऐसे समझ सकते हैं कि भारतीय रसोई में नमक के बिना संपूर्ण भोजन की कल्पना करना बहुत मुश्किल है। ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग काफी बढ़ गया है। लोग इसे अधिक नेचुरल और मिनरल्स से भरपूर मानकर अपने आहार में शामिल कर रहे हैं।

इसी विषय पर फेमस न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सहरावत ने सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए इसके दूसरे पहलू की ओर ध्यान आकर्षित किया है। डॉक्टर प्रियंका के अनुसार सेंधा नमक और आयोडाइज्ड नमक के बीच सबसे बड़ा अंतर 'आयोडीन' का है। आयोडाइज्ड नमक हमारे शरीर में थायराइड ग्लैंड को सही तरीके से काम करने में मदद करता है।

शरीर में आयोडीन की कमी होने पर थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और कब्ज, वजन बढ़ना, बालों का झड़ना व अत्यधिक ठंड लगने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। डॉक्टर बताती हैं कि सेंधा नमक के बढ़ते क्रेज के कारण हाल के दिनों में 'हाइपोथायरायडिज्म' के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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थायरॉइड - फोटो : Adobe Stock
थायराइड हेल्थ के लिए आयोडीन की भूमिका
आयोडीन हमारे शरीर की कोशिकाओं के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने के लिए बहुत जरूरी हैं। डॉक्टर प्रियंका सहरावत के अनुसार अगर डाइट में आयोडीन युक्त नमक की कमी होगी, तो थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाएगी। इसकी वजह से शरीर के सभी सेल्स का फंक्शन धीमा पड़ जाता है। इसी कारण लोग थकान और सुस्ती महसूस करने लगते हैं।

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Salt - फोटो : Adobestock
मिनरल्स का भ्रम और वास्तविकता
अक्सर लोगों को लगता है कि सेंधा नमक मिनरल्स का खजाना है। हालांकि डॉक्टर बताती हैं कि जितने मिनरल्स हमें सेंधा नमक से मिलते हैं, उतने तो हम अपनी सामान्य बैलेंस डाइट, नट्स और सीड्स से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा सेंधा नमक से अधिक मिनरल्स पाने के चक्कर में अगर आप इसका अधिक सेवन करेंगे, तो इससे आपमें हाई बीपी का जोखिम बढ़ जाता है।

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सेंधा नमक - फोटो : Freepik.com
सेंधा नमक के बढ़ते उपयोग के जोखिम
जैसे-जैसे लोग रिफाइंड नमक छोड़कर पूरी तरह सेंधा नमक पर निर्भर हो रहे हैं, वैसे-वैसे हाइपोथायरायडिज्म के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टर प्रियंका सहरावत ने चेतावनी देते हुए बताया कि बिना डॉक्टर के सलाह के आयोडीन को अपनी डाइट से पूरी तरह बाहर करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।



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Salt - फोटो : Adobestock
क्या करें?
दोनों नमकों के अपने फायदे हैं, लेकिन संतुलन बनाए रखना जरूरी है। डॉक्टर प्रियंका के मुताबिक आप सेंधा नमक का सेवन कभी-कभी और सीमित मात्रा में कर सकते हैं लेकिन रोजाना के लिए आयोडीन युक्त नमक को ही प्रथमिकता दें। अगर आपको थायराइड की समस्या है, तो नमक के खुराक में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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