अक्सर आपने लोगों को ये कहते तो सुना होगा कि "इसका दिमाग तो घुटनों में है"। लेकिन इंसान के पास सिर्फ एक दिमाग नही होता बल्कि दो दिमाग होते हैं। लेकिन दूसरा दिमाग घुटनों में नही बल्कि इंसान की रीढ़ की हड्डी में होता है।
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गुटनों में नहीं, यहां होता है इंसान का दूसरा दिमाग
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अमेरिका में हुए एक शोध के अनुसार हर इंसान के शरीर में एक नहीं, दो दिमाग होते हैं। जो हमारी रीढ़ की हड्डी में मौजूद होता है, जिसे छोटा दिमाग कहा जाता है।
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कैलिफोर्निया के वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान 'साल्क' ने यह शोध किया है। दरअसल यह शोध चूहों पर किया गया क्योंकि चूहों की प्रवृत्ति भी काफी हद तक मनुष्य जैसी ही होती है।
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चूहे की रीढ़ की हड्डी में आरओआरआई न्यूरॉन को निष्क्रिय कर दिया गया। ताकि पता किया जा सके कि इस न्यूरॉन का खास काम क्या है।
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रीढ़ की हड्डी में आरओआरआई न्यूरॉन को निष्क्रिय करने के बाद टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि हमारे खड़े होने या चलने के दौरान पैर के तलवों के संवेदी अंग इस छोटे दिमाग को दबाव और गति से जुड़ी सूचनाएं भेजते हैं।
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इस अध्ययन के जरिए इंसान के शरीर में मौजूद 'ब्लैक बॉक्स' के बारे में पता चला। अब से पहले ये नहीं पता था कि ये संकेत किस तरह से हमारी रीढ़ की हड्डी में इनकोड और संचालित होते हैं। हमारे चलने और पैरों के माध्यम से शरीर का संतुलन बनाए रखने का काम छोटा दिमाग करता है। अगर रीढ़ की हड्डी में इस छोटे दिमाग को कोई परेशानी पहुंचे, तो व्यक्ति के चलने की गतिविधि पर इसका असर होता है।