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Diet Tips: किस मौसम में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? यहां जानिए सबकुछ विस्तार से

Sun, 17 Nov 2024 05:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आयुर्वेद में मौसम आधारित खान-पान के चयन को लेकर जिक्र मिलता है। आइए जानते हैं कि आपको किस मौसम में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए?
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आहार का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार पर विशेष ध्यान देते रहना जरूरी है। हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं इसका शरीर पर सीधा असर होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को आहार की पौष्टिकता पर ध्यान देते रहना चाहिए। भोजन की थाली में मौसमी फलों, हरी पत्तेदार सब्जियों, नट्स और सीड्स को जरूर शामिल करना चाहिए। इसके अलावा मौसम के हिसाब से भी खान-पान में बदलाव करते रहना चाहिए।

आयुर्वेद के साथ मेडिकल साइंस ने भी माना है कि अगर हम सभी अपने आहार में ही सुधार कर लें तो न सिर्फ शरीर को फिट रख सकते हैं साथ ही ये आपको कई प्रकार की बीमारियों से बचाने में भी मददगार है।

आयुर्वेद में मौसम आधारित खान-पान के चयन को लेकर जिक्र मिलता है। आइए जानते हैं कि आपको किस मौसम में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए?
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
चैत्र (मार्च-अप्रैल) – इस महीने में चने का सेवन करें क्योकि चना आपके रक्त संचार और रक्त को शुद्ध करता है एवं कई बीमारियों से भी बचाता है। चैत्र के महीने में नित्य नीम की 4- 5 कोमल पतियों का सेवन भी करना चाहिए इससे आप इस महीने के सभी दोषों से बच सकते है। 

वैशाख (अप्रैल-मई)- वैशाख महीने में गर्मी की शुरुआत हो जाती है। बेल का इस्तेमाल इस महीने में अवश्य करना चाहिए जो आपको स्वस्थ रखेगा। वैशाख के महीने में तेल का उपयोग बिल्कुल न करें क्योकि इससे आपका शरीर अस्वस्थ हो सकता है।

ज्येष्ठ (मई-जून)– भारत में इस महीने में सबसे अधिक गर्मी होती है। ज्येष्ठ के महीने में दोपहर में सोना स्वास्थ्य वर्द्धक होता है। ठंडी छाछ , लस्सी, जूस और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। बासी खाना, गरिष्ठ भोजन एवं गर्म चीजों का सेवन न करें।
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क्या खाएं-क्या नहीं? - फोटो : Freepik.com
अषाढ़ (जून-जुलाई)– आषाढ़ के महीने में आम, पुराने गेंहू, सत्तु, जौ, भात, खीर, ठण्डे पदार्थ, ककड़ी, पलवल, करेला आदि का सेवन करे। आषाढ़ के महीने में भी गर्म तारीस की चीजों का सेवन करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

श्रावण (जूलाई-अगस्त)- श्रावण के महीने में हरड काफी लाभकारी हैं। श्रावण में हरी सब्जियों का त्याग करे एव दूध का इस्तेमाल भी कम करें। भोजन की मात्रा भी कम लें। पुराने चावल, पुराने गेंहू, खिचड़ी, दही एवं हलके सुपाच्य भोजन खाएं।

भाद्रपद (अगस्त-सितम्बर)– इस महीने में हल्के सुपाच्य भोजन का सेवन करें। वर्षा का मौसम् होने के कारण आपकी जठराग्नि भी मंद होती है इसलिए भोजन सुपाच्य ग्रहण करें।  

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डेयरी उत्पादों का सेवन - फोटो : Adobe stock
आश्विन (सितम्बर-अक्तूबर)– इस महीने में दूध , घी, गुड़ , नारियल, मुन्नका, गोभी आदि का सेवन कर सकते हैं। ये गरिष्ठ भोजन है लेकिन फिर भी इस महीने में पच जाते हैं क्योंकि इस महीने में हमारी जठराग्नि तेज होती है।

कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर)– कार्तिक महीने में गरम दूध, गुड़, घी, शक्कर, मूली खाएं। ठंडे पेय पदार्थों से दूरी बनाएं। छाछ, लस्सी, ठंडा दही, ठंडा फ्रूट जूस आदि का सेवन न करे , इनसे आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है।

अगहन (नवम्बर-दिसम्बर)– इस महीने में ठंडी और अधिक गरम चीजों का सेवन कम से कम करें।
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गुड़ खाने का सही समय - फोटो : Adobe stock
पौष (दिसम्बर-जनवरी)– इस ऋतु में दूध, खोया एवं खोये से बने पदार्थ, गौंद के लाडू, गुड़, तिल, घी, आलू, आंवला आदि का सेवन करे, ये पदार्थ आपके शरीर को स्वस्थ रखते हैं। ठण्डी चीजें, पुराना अन्न, मोठ, कटु और रुक्ष भोजन का सेवन कम करें।

माघ (जनवरी-फरवरी)– इस महीने में भी आप गरम और गरिष्ठ भोजन का सेवन कर सकते है। घी, नए अन्न, गौंद के लड्डू आदि का प्रयोग कर सकते है।

फाल्गुन (फरवरी-मार्च)– इस महीने में गुड़ का सेवन करें। सुबह के समय योग एवं स्नान का नियम बना ले। चने का उपयोग न करें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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