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Health Alert:कहीं आप भी न हो जाएं फ्लू-श्वसन संक्रमण का शिकार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया क्या करें-क्या नहीं

Sun, 04 May 2025 09:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मौसम बदलने के साथ इन्फ्लूएंजा वायरस के मामले बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि इसे मौसमी बुखार कहा जाता है। आमतौर पर ठंडे मौसम में ये संक्रमण ज्यादा फैलता है।
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मौसमी फ्लू का खतरा - फोटो : Freepik.com
मौसमी बुखार (इन्फ्लूएंजा) के मामले मौसम बदलने के साथ बढ़ने लगते हैं। ये मुख्यरूप से इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होने वाली श्वसन बीमारी है। जिसमें आपको बुखार, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के साथ थकान की समस्या हो सकती है। वैसे तो ज्यादातर लोग बिना उपचार के ही इस संक्रमण से ठीक हो जाते हैं हालांकि कुछ स्थितियों में ये जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है जिसके लिए डॉक्टरी सलाह और इलाज की आवश्यकता हो सकती है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, मौसम बदलने के साथ इन्फ्लूएंजा वायरस के मामले बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि इसे मौसमी बुखार कहा जाता है। आमतौर पर ठंडे मौसम में ये संक्रमण ज्यादा फैलता है, पर कुछ लोगों को मौसम में हल्के बदलाव के कारण भी इस तरह की समस्या हो सकती है।
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मौसमी फ्लू और इसका खतरा - फोटो : Freepik.com
किन्हें फ्लू का खतरा अधिक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हर साल वायरस में मामूली जेनेटिक परिवर्तन होते रहते हैं जिसके चलते कुछ लोगों को अधिक जटिलताएं हो सकती हैं। ठंडे और शुष्क मौसम में इन्फ्लूएंजा वायरस अधिक समय तक जीवित रहता है, जिससे यह अधिक आसानी से फैलता है। आमतौर पर जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनमें मौसमी बुखार-फ्लू का संक्रमण अधिक देखा जाता रहा है। 
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फ्लू के खतरे से कैसे बचें? - फोटो : Freepik.com
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए उपाय

मौसमी फ्लू से कैसे सुरक्षित रहा जा सकता है, बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। आप दिनचर्या में कुछ बातों का ध्यान रखकर फ्लू और इसके कारण होने वाली समस्याओं से बचे रह सकते हैं।

क्या करें ?
1. मास्क पहनें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।
2. छींकते या खांसते समय मुंह और नाक को ढकें।
3. आंखों और नाक को छूने से बचें।
4. भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ लें।

क्या ना करें ?
1. हाथ मिलाना या अन्य शारीरिक संपर्क वाले अभिवादन न करें।
2. दूसरों के करीब बैठकर भोजन न करें।
3. साझा की गई सतहों को न छुएँ।
4. सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें।

 

 
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फ्लू से बचाव के लिए वैक्सीनेशन - फोटो : Freepik.com
टीकाकरण बचाव का एक उपाय
  • फ्लू और अन्य प्रकार के श्वसन संक्रमण से बचे रहने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)  के विशेषज्ञ सभी लोगों को सालाना फ्लू वैक्सीन लेने की सलाह देते हैं।
  • फ्लू और अन्य श्वसन संक्रमण हाथों की अस्वच्छता के कारण भी फैलता है इसलिए हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।  बार-बार हाथ धोना और सैनिटाइजर का प्रयोग संक्रमण को रोकने में मददगार है।
  • मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपाय आपको श्वसन संक्रमण के खतरे से बचाने में मदद करते हैं, विशेषकर जब ये काफी तेजी से फैल रहा हो। 


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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