करण जौहर के पॉपुलर चैट शो कॉफी विद करण में सारा अली खान
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इस बीमारी के चलते सारा जैसी आज कैमरे के सामने दिखाईं दे रही हैं उससे बिल्कुल ही अलग थीं। कुल मिलाकर फिल्मों में आने से पहले सारा का लुक बिल्कुल बदला हुआ था। सारा ने बताया कि उन्हें PCOD नाम की बीमारी है जिसके चलते उनका वजन काफी बढ़ा हुआ था। इस बीमारी में वजन घटाना सबसे मुश्किल होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 10 में से 1 लड़की इस बीमारी से ग्रसित है। PCOD को PCOS यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इसके लक्षण, कारण और इलाज।
सारा को थी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम नाम की बीमारी
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क्या होता है पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम(PCOS)
PCOS में लड़कियों या महिलाओं के ओवरी में हर महीने जरूरत से ज्यादा अंडे बनने लगते हैं। मेंस्ट्रुअल साइकल बिगड़ने से ओवरी में एक्स्ट्रा अंडे जमा होने लगते हैं जो सिस्ट के रूप में बन जाते हैं। दरअसल, जिन महिलाओं को ये परेशानी होती है उन्हें दवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। वैसे तो इन सिस्ट को ऑपरेशन करके रिमूव कराया जा सकता है, लेकिन ये सिस्ट दोबारा बन जाते हैं।
पीसीओडी में कई महिलाओं के पीरियड्स पर असर पड़ता है।
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पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम(PCOS) के लक्षण
अनियमित पीरियड्स
पीसीओडी में कई महिलाओं के पीरियड्स पर असर पड़ता है। किसी को पीरियड कम होने लगते है तो किसी को हैवी ब्लीडिंग होती है। खास बात यह है कि बात हीं वक्त रहते इसका इलाज न कराया जाए तो पीरियड होना ही बंद हो जाते हैं।
अनचाहे बाल निकलना
पीसीओडी होने पर कई लड़कियों और महिलाओं के शरीर में मेल हॉर्मोन टेस्टोस्ट्रेरॉन का लेवल बढ़ जाता है जिससे चेहरे, चेस्ट, पेट, हाथ या पैरों की अंगुलियों पर अधिक बाल उगने लगते हैं।
लगातार वजन बढ़ना
पीसीओडी के चलते कई महीलाओं और लड़कियों में वजन बढ़ने की शिकायत रहती है। इतना ही नहीं इस बीमारी में वजन घटाना बहुत बड़ा टास्क होता है।
मुंहासे होना
कई महिलाओं को पीसीओडी की वजह से चेहरे पर बहुत सारे मुहांसे आ जाते हैं। चेहरे में भी कई परिवर्तन आते हैं। चेहरे के साथ शरीर में भी कई तरह के बदलाव होते हैं।
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम(PCOS) के लक्षण
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पीसीओएस होने का कारण
एक्सपर्ट्स की माने तो PCOS मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्या है। यह हमारे खराब लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतों के चलते होती है। एक बार जो इस बीमारी की शिकार में आ जाए तो उसे हमेशा दवाइयों पर निर्भर रहना पड़ता है। इस बीमारी के होने के कुछ समय बाद इंसुलिन के प्रति रेजिस्टेंस भी पैदा हो जाता है, जिससे डायबिटीज और फिर हाई ब्लड प्रेशर का खतरा हो सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो अधिक मात्रा में जंक फूड का सेवन न करें। इसके बजाय डाइट में हेल्दी फूड को जगह दे। इसके अलावा फिजिकल ऐक्टिविटी को बढ़ावा दें। रोजाना एक्सरसाइज, खेलकूद, स्विमिंग या डांसिंग पर फोकस करें। लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठना एवॉइड करेें।