दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा करने के साथ ही रूस की Sputnik V वैक्सीन सवालों और विवादों में घिर गई है। कई देशों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का आरोप है कि वैक्सीन तैयार करने में दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया और न ही ट्रायल के परिणामों को रिसर्च जर्नल में प्रकाशित कराया गया। पंजीकरण के दौरान दिए गए दस्तावेजों से भी कई तरह के खुलासे हुए हैं, जो वैक्सीन की प्रभावकारिता को लेकर संशय पैदा करते हैं। इन तमाम आरोपों के बीच रूस की ओर से एक चौंकाने वाला दावा किया गया है। दावा है कि जो वैक्सीन विकसित की गई है, उसकी तैयारी रूस में छह साल से चल रही थी।