मोटापे का खतरा
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रकिंग वॉक के बारे में जान लीजिए
रकिंग वॉक एक तरह की वॉकिंग एक्सरसाइज है, जिसमें पीठ पर बैकपैक लेकर चला जाता है। सामान्य वॉकिंग में शरीर पर अतिरिक्त भार नहीं होता, जबकि रकिंग में बैग का वजन उठाकर चलना पड़ता है।
- इससे शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है और पैर, कूल्हों व धड़ की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- यही वजह है कि रकिंग वॉक से सामान्य वॉकिंग की तुलना में अधिक कैलोरी बर्न होती है।
- रकिंग की खासियत यह है कि इसे पार्क, खुले मैदान या सुरक्षित वॉकिंग ट्रैक पर किया जा सकता है। इसके लिए महंगे जिम उपकरणों की जरूरत नहीं होती।
- हालांकि, कितना वजन उठाया जाए और कितनी देर चला जाए, यह व्यक्ति की उम्र, फिटनेस और शारीरिक क्षमता पर निर्भर करता है।
कैलोरी बर्न करने से लेकर स्टैमिना बढ़ाने तक में फायदेमंद
वहीं, अगर आपको गर्दन, पीठ, जॉइंट्स या पेल्विक फ्लोर की समस्या है या आप गर्भवती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही रकिंग वॉक की शुरुआत करें। इसके अलावा, अगर आप लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रही हैं, शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं या किसी तरह के एक्सीडेंट का शिकार हुई हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
- सब कुछ सही होने के बावजूद अगर मांसपेशियों में खिंचाव के अलावा पीठ, पैर या कंधे में दर्द होने लगे, तो इसे रोक दें। दर्द को नजरअंदाज करके दूरी या भार बढ़ाना चोट लगने के जोखिम को बढ़ा सकता है।