इन दिनों देशभर में मानसून एक्टिव है। ये मौसम गर्मी से राहत देने वाला तो जरूर माना जाता है, पर मानसून अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर भी आता है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट्स में हमने बताया कि किस तरह से
इस मौसम में फूड पॉइजनिंग और
टाइफाइड जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ये मौसम सांस के मरीजों के लिए भी समस्या बढ़ाने वाला हो सकता है।
अगर आपको अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), एलर्जी या फेफड़ों से जुड़ी कोई बीमारी है, तो इन दिनों आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। मानसून के दिनों में हवा में बढ़ी नमी, घरों की सीलन, दीवारों पर लगी फफूंद और सड़ते जैविक पदार्थो में तेजी से पनपने वाले फंगस सांस की नली और फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह है कि मानसून के दौरान कई लोगों में सांस फूलना, लगातार खांसी, घरघराहट और एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं।
अगर आप भी पहले से इसका शिकार हैं तो बारिश के दिनों में थोड़ी सावधानी जरूरी है।