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मम्मी कहती है साबुन से हाथ कुल 30 सेकेंड्स तक धोना चाहिए, सही है क्या?

Tue, 06 Feb 2018 10:33 AM IST
अंशुमाला
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Hand Wash
हाथ धोएं, लेकिन कितनी देर? हाथ धोना छोटा सा काम लगता है, लेकिन इसका सही तरीका जानना भी जरूरी है। 

खाना खाने से पहले क्या आप अपने हाथों को धोते हैं? मान लिया धोते हैं, लेकिन कितनी देर, पांच सेकंड या फिर दस सेकंड? अक्सर कुछ लोग खाने से पहले हैंड सैनिटाइजर लगाकर सोचते हैं कि हाथ पूरी तरह से साफ हो गया, पर ऐसा होता नहीं। हाथों पर थोड़े बहुत कीटाणु फिर भी रह जाते हैं। हाल ही में हुए एक शोध में कहा गया है कि हाथों से कीटाणु पूरी तरह से हट जाएं, इसके लिए जरूरी है कि आप कम से कम 20 से 30 सेकंड तक अपने हाथों को साफ करें। 
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Hand Wash
हाथ में होते हैं ऐसे किटाणु
अपने परिवार के साथ-साथ खुद को स्वस्थ रखने का सबसे आसान और बेहतर तरीका है, हाथों की साफ-सफाई अच्छी तरह से (हैंडवॉशिंग) करना। हाथ जब साफ होंगे, तो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक ये हानीकारक कीटाणु नहीं फैलेंगे। ऐसा करके आप अपने पूरे परिवार यहां तक कि ऑफिस में काम करने वाले सहकर्मियों आदि की सेहत को भी बिगड़ने से बचा सकते हैं। आप दिन भर मोबाइल, कंप्यूटर कीबोर्ड, माउस, टॉयलेट फ्लश आदि छूते हैं। ऑटो, बस, ट्रेन, कार आदि में यहां-वहां जाते हैं। इससे आपके हाथों पर 'स्टैफ' और 'सैल्मोनेला' नामक बैक्टीरिया चिपक जाते हैं। जब आप गंदे हाथों से अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूते हैं, तो इससे ये संक्रमित हो जाते हैं और कई तरह की बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है।    
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Hand Sanitizer
क्या कहता है शोध
हाथों को पूरी तरह से कीटाणु मुक्त रखना असंभव है। भोजन करने, खाना पकाने, टॉयलेट से आने के बाद या फिर नाक छूने से पहले निरंतर हाथों को धोना ही एकमात्र रास्ता है खुद को बीमार होने से बचाने का। 2015 में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि 62 फीसदी पुरुष और 40 फीसदी महिलाओं ने यह माना है कि वे टॉयलेट से आने के बाद हाथों को धोने की जहमत उठाना भी नहीं चाहते। जब आप सिर्फ पांच सेकंड हाथों को पानी से धोते हैं, तो हथेलियों, नाखूनों, यहां तक कि अंगूठी में कीटाणु मौजूद रहते हैं। वहीं, आपने 20 से 30 सेकंड तक किसी अच्छे साबुन से हाथों को धोते हैं, तो कीटाणु नहीं रहते।   

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Hand Wash
सैनिटाइजर का बढ़ता इस्तेमाल
आजकल पानी और साबुन के मुकाबले सैनिटाइजर से हाथ साफ करने का आसान विकल्प बनता जा रहा है। एफडीए सेंटर फॉर ड्रग इवैलुएशन एंड रिसर्च (न्यू हैम्पशायर) के निदेशक डॉ. जेनेट वुडकॉक के अनुसार, 'लोगों को लगता है कि सैनिटाइजर लगाने से 99.9 फीसदी कीटाणुओं का सफाया हाथों से हो जाता है, पर ऐसा नहीं है। हमने कई टेस्ट किए हैं, जिसमें सैनिटाइजर लगाने के बाद भी हाथों की लकीरों में कीटाणु रह ही जाते हैं।' उन्हीं सैनिटाइजर का इस्तेमाल करिए, जिसमें लगभग 60 फीसदी एल्कोहल हो। एल्कोहल रहित सैनिटाइजर के इस्तेमाल से कीटाणु तो नहीं मरते, बल्कि त्वचा को नुकसान ही पहुंचाते हैं। बेहतर है कि अपने हाथों को साबुन और पानी से ही धोएं।  
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Hand Wash
क्या है सही तरीका
पहले पानी से हाथ धोएं। फिर हाथों पर साबुन लगाएं। ध्यान रहे कि साबुन से हाथों पर अच्‍छी तरह से झाग बने। झाग बनाकर करीब 20 से 30 सेकंड तक हाथ धोएं। जरूरी नहीं कि आप हमेशा एंटी- बैक्‍टीरियल साबुन ही इस्‍तेमाल करें। हाथों को दोनों तरफ से नाखूनों और उंगलियों के बीच से भी अच्‍छी तरह से साफ करें। फिर पानी से अच्‍छी तरह से हाथ धो लें। हाथ धोने के लिए लिक्विड सोप का इस्‍तेमाल सबसे बेहतर होता है। यह सामान्‍य साबुन के मुकाबले कीटाणुओं से लड़ने में अधिक शक्तिशाली होता है। साथ ही यह, बार-बार अलग- अलग इंसानों के हाथों के सीधे संपर्क में नहीं आता। पूरे परिवार को यह आदत डालवाएं कि शौच के बाद, खाने से पहले और बाद में हमेशा हाथों को साबुन से धोना है। 
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Hand Sanitizer
दो तरह के होते हैं हैंडवॉश 
फिजिशियन, डॉ. जुगल किशोर कहते हैं कि हैंडवॉश दो तरह के होते हैं। पहला, सोशल हैंडवॉशिंग और दूसरा, सरि्जकल हैंडवॉशिंग। सर्जिकल हैंडवॉशिंग काफी देर तक किया जाता है। इसमें हाथों से कोहनी तक अच्छी तरह से साफ करना होता है। सोशल हैंडवॉशिंग यानी जो आम व्यकि्त करता है। इसमें 30 सेकंड से 20 मिनट तक हाथों को सामने, पीछे, नाखूनों, उगलियों के बीच में साफ करना चाहिए। पानी और सामान्य साबुन काफी है। एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर भी सही है। तीस सेकंड से कम हाथ धोने पर कीटाणु भोजन के जरिए पेट में जाकर डायरिया, टाइफॉइड, फूड प्वॉइजनिंग, हेपेटाइटिस होने का कारण बनते हैं।  
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