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13.5 करोड़ लोग भारत में मोटापे के शिकार, मजाक उड़ाने के कारण इस बीमारी से नहीं उबर पाते

Sun, 08 Mar 2020 11:13 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Obesity - फोटो : Amar ujala
मोटे लोगों को मोटा या आलसी कहना बंद करना होगा क्योंकि ये कलंक महामारी की तरह फैल रही बीमारी से लड़ने में बाधक है। किंग्स कॉलेज लंदन का मोटापे पर शोध हाल ही नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध में दुनियाभर के 100 से अधिक चिकित्सकों ने इसे सही माना है कि मोटे या अधिक वजन वाले लोगों को मोटा या आलसी कहने से उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान होता है।
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Research - फोटो : पेक्सेल्स
किंग्स कॉलेज लंदन के प्रो. फ्रांसेस्को रूबीनों का कहना है कि दुनियाभर के लोगों को अब ये शपथ लेनी होगी कि उन्होंने ‘मोटापे के कलंक’ को मिटाने के लिए क्या किया। वे बताते हैं कि मोटापा दुनिया की समस्या है पर हम सामाजिक और मानवाधिकारों को नजरअंदाज करते हैं। मोटे लोगों को मोटा या आलसी कहने से ऐसे लोगों में इस रोग से लड़ने की क्षमता घटती है। चिकित्सकों का मानना है कि मोटे लोगों से ऐसा भेदभाव या उन्हें मानसिाक प्रताड़ना देना कुछ वैसा ही है जैसे पहले उन लोगों को प्लेग, कॉलरा और एचआईवी का रोगी बताया जाता था जिन्हें ये तकलीफ होती ही नहीं थी।
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मोटापा
मोटापे के लिए सिर्फ लोग दोषी नहीं
वैज्ञानिकों ने ये भी स्पष्ट किया है कि मोटापे के लिए सिर्फ लोग दोषी नहीं हैं। इसके लिए जैविक, आनुवांशिक और पर्यावरण भी बड़ा कारण है। ऐसे में समाज के दूसरे लोगों को मोटे या अधिक वजन वाले लोगों से सामान्य व्यवहार करना चाहिए। दूसरे लोगों को ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। इस बात का ध्यान रखें कि कोई उनका मजाक न उड़ाए।

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मोटापा - फोटो : Pixabay
दुनिया में हर पांच में एक व्यक्ति मोटा
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रिचर्ड पाइल का कहना है कि ‘मैं उस समय की कल्पना भी नहीं कर सकता जब मोटापे को बीमारी की संज्ञा दी जाएगी।’ मुझे इस बात का डर है कि अगर ऐसा होता है तो मरीजों से ध्यान भटक जाएगा और दवाईयों और सर्जरी तकनीक की बाढ़ जाएगी। मोटापा दुनिया के लिए समस्या है। एक अनुमान के मुताबिक 2045 तक दुनिया का हर पांच में से एक आदमी मोटो की समस्या से ग्रसित होगा।
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मोटापा
मोटापा से  बीमारियां, जीवन की गुणवत्ता खराब
मोटापा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है लेकिन आने वाले समय में ये कई तरह की घातक बीमारियों का कारण बनेगा। इसमें टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, स्तन और बाउल कैंसर के साथ स्ट्रोक के मामले बढ़ेंगे। मोटापा जीवन की गुणवत्ता को खराब करने के साथ मानसिक समस्याओं का कारण बनेगा। व्यक्ति खुद से हताश रहेगा और अवसाद में जीवन जीने को मजबूर होगा।
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obesity
मोटापे से इस तरह के रोग होने की संभावना
  • टाइप-टू डायबिटीज, उच्च रक्तचाप की समस्या
  • जोड़ों में दर्द, चलने फिरने में दिक्कत होना
  • सोते समय खर्राटे आना, नींद पूरी न होना
  • गर्भधारण में तकलीफ, गर्भावस्था में बीपी बढ़ना
  • सांस की तकलीफ के साथ कैंसर भी हो सकता है
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obesity
भारत में मोटापा
  • 13.5 करोड़ लोग भारत में मोटापे से ग्रसित हैं
  • 10 में से दो व्यक्ति मोटापे की ओर बढ़ रहा है
  • 15 फीसदी रोगी मोटापे के आलस करते हैं
  • 27 फीसदी मोटे लोग ही खानपान सही रखते हैं
  • 10 फीसदी से अधिक गर्भवती महिलाएं मोटापे का शिकार होती हैं
  • 100 में से 10 बच्चे खानपान के चलते मोटापे की ओर बढ़ रहे हैं

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Obesity
दुनिया में मोटापा
  • 190 करोड़ लोग मोटापे या अधिक वजन से ग्रसित हैं
  • 39 फीसदी व्यस्क अधिक वजनी थी, 13 फीसदी मोटे थे
  • 40 लाख बच्चे पांच साल से कम उम्र के मोटे थे 2018 में
  • 11 फीसदी पुरुष और 15 फीसदी महिलाएंमोटी थी 2016 में
  • 20 फीसदी लोग मोटापे से निजात के लिए कुछ नहीं करते हैं
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morning walk - फोटो : अमर उजाला
मोटापे से बचाव के लिए ये करें
  • खानपान सही रखें, फल, सब्जियां अधिक खाएं
  • तलाभुना, पैक और फास्ट फूड खाने से परहेज करें
  • सुबह के समय क्षमता अनुसार टहलने के लिए जाए
  • योग और व्यायाम भी इसमें लाभदायक होता है
  • बिना डॉक्टरी सलाह मोटापा कम करने की दवा न लें
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