Medically Reviewed by Dr. Anuradha Falke
डॉ अनुराधा फाल्के, मनोचिकित्सक
नोबल हॉस्पिटल, मुंबई
डिग्री- बीए, एमए, पीजी- गाइडेंस एंड काउंसलिंग
अनुभव- 14 वर्ष
कोरोनाकाल में लोगों को अपना अधिक से अधिक समय बंद कमरों में गुजारना पड़ रहा है। लोग प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं क्योंकि वे नदी, पहाड़, हरियाली आदि के किनारे जा ही सकते, ऐसे में इसका सीधा प्रभाव उनके मन पर पड़ रहा है। कई लोगों की यह शिकायतें आ रही हैं कि उनका मन खुश रहना भूल गया है क्योंकि थोड़ी- थोड़ी देर में ही वो उदास हो जाता है जो कि ठीक नहीं है क्योंकि यह बहुत सारी चीजों को एकसाथ प्रभावित करता है। अगली स्लाइड्स से जानिए किन आसान तरीकों से मूड स्विंग्स को किया जा सकता है दूर।