फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Attack: हार्ट अटैक होने पर मात्र सात रुपये में बच सकती है आपकी जान, अपने पास जरूर रखें ये तीन दवाएं

Sat, 09 Nov 2024 07:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • साल 2021 में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (सी.वी.डी) के कारण 20.5 मिलियन (दो करोड़ से अधिक) मौतें हुईं।
  • हाल के वर्षों में 20 से कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक से मौत के मामले रिपोर्ट किए गए हैं।
  •  कानपुर हृदय रोग संस्थान के डॉक्टर नीरज कुमार ने तीन दवाएं बताई हैं जो हार्ट अटैक में जान बचा सकती हैं।
विज्ञापन
1 of 5
हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Freepik.com
हृदय रोग दुनियाभर में तेजी से बढ़ती समस्या है। गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। साल 2021 में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (सी.वी.डी) के कारण 20.5 मिलियन (दो करोड़ से अधिक) मौतें हुईं, जो वैश्विक स्तर पर होने वाली सभी मौतों का लगभग एक तिहाई है। वहीं सीवीडी से होने वाली 85% मौतों के लिए हार्ट अटैक और स्ट्रोक को जिम्मेदार पाया गया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को हृदय स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। हाल के वर्षों में 20 से कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक से मौत के मामले रिपोर्ट किए गए हैं।

डॉक्टर कहते हैं, अगर किसी को हार्ट अटैक हो जाए तो समय पर लक्षणों की पहचान करके यदि सीपीआर दे दी जाए तो रोगी की जान बच सकती है। हार्ट अटैक की स्थिति में जान बचाने के लिए डॉक्टर ने एक और कारगर तरीके के बारे में जानकारी दी है जिसके बारे में जानना सभी लोगों के लिए जरूरी है।
विज्ञापन

2 of 5
हार्ट अटैक के मामले - फोटो : Freepik.com
हार्ट अटैक के बाद बचा सकते हैं रोगी की जान

हार्ट अटैक के बाद रोगी की जान कैसे बचाई जा सकती है, इस बारे में कानपुर हृदय रोग संस्थान के डॉक्टर नीरज कुमार ने बड़ी जानकारी साझा की है। डॉक्टर ने दवाओं की एक ऐसी किट के बारे में बताया है जो हार्ट अटैक के समय में 'संजीवनी' साबित हो सकती है।

डॉक्टर नीरज कहते हैं, किसी को हार्ट अटैक होने पर तुरंत तीन दवाएं दे दी जाएं तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ सकती है। ये दवाएं उसी तरह से काम करती हैं जैसे हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती होने पर दी जाने वाली दवाएं।
विज्ञापन

3 of 5
हृदय से संबंधित समस्याएं - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं डॉक्टर

दवाओं के इस संयोजन को रामकिट नाम दिया गया है। डॉक्टर नीरज कहते हैं, हार्ट अटैक की स्थिति में रोगी को अस्पताल पहुंचाने में कम से कम 30-40 मिनट लग ही जाता है, ये समय काफी महत्वपूर्ण होता है। सभी लोगों को ये किट अपने पास रखनी चाहिए, जिससे इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत इसको लिया जा सके, कई मामलों में ये अस्पताल पहुंचते-पहुंचते रोगी के लक्षणों को ठीक भी कर सकती है। 

4 of 5
हार्ट अटैक में कौन सी दवा खाएं? - फोटो : Freepik.com
कैसे लेनी होती हैं ये दवाएं?

डॉक्टर बताते हैं, हार्ट अटैक के लक्षण दिखने पर तुरंत दो इकोस्प्रिन (Ecosprin 75), एक रोसुवास्टेटिन (Rosuvastatin 20mg) खा लें। इसके बाद सोब्रिट्रेट (Sorbitrate 5mg) की टेबलेट को जीभ पर रखकर उसे चूसें। इससे मरीज की जान बचाई जा सकती है। इन दवाओं की कीमत 6-7 रुपये होती है। यानी सात रुपये में आप अपनी जान बचा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हार्ट अटैक होने पर क्या किया जाना चाहिए/ - फोटो : Freepik.com
कैसे काम करती है ये दवा?

हार्ट अटैक की स्थिति में रक्त के थक्के बनने लगते हैं इकोस्प्रिन ब्लड थिनर के रूप में काम करती है और थक्कों को कम करने में मदद करती है। रोसुवास्टेटिन कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा है ये उस थक्के के प्रसार को रोकती है। वहीं सोब्रिट्रेट को चूसने से ये इंजेक्शन की तरह काम करती है और नसों को खोलने में मदद करती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को अपने पास ये दवा जरूर रखनी चाहिए। हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में ये बड़े काम की साबित हो सकती है।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें