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Raju Srivastava Death: वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक और फिर निधन, विशेषज्ञ से जानिए- आखिर क्या है इसकी वजह?

Wed, 21 Sep 2022 11:20 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजू श्रीवास्तव को हार्ट अटैक - फोटो : istock
मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को 10 अगस्त को जिम में वर्कआउट के दौरान दिल का दौरा पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह ट्रेडमिल पर कसरत कर रहे थे तभी उन्हें सीने में दर्द हुआ और वे गिर पड़े। उन्हें इलाज के लिए एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया। स्थिति को देखते हुए डॉक्टर्स ने उन्हें दो बार सीपीआर दिया। सीपीआर या कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक आपातकालीन जीवन रक्षक प्रक्रिया है जिसे तब किया जाता है जब दिल धड़कना बंद कर देता है। हालांकि 41 दिनों तक अस्पताल में भर्ती राजू श्रीवास्तव का आज दिल्ली एम्स में निधन हो गया।

हाल के वर्षों में जिम में दिल का दौरा पड़ने वाले कई मामले सामने आए हैं। अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला से लेकर और कन्नड़ फिल्मों के मशहूर अभिनेता पुनीत राजकुमार को भी जिम में हार्ट अटैक आया था, दुर्भाग्यवश दोनों की मौत हो गई थी। आखिर कम उम्र में लोग हार्ट अटैक के शिकार क्यों हो रहे हैं और इसका वर्कआउट से क्या संबंध हैं? आइए इस बारे में हृदय रोग विशेषज्ञ से समझने की कोशिश करते हैं।
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वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक की समस्या - फोटो : iStock
वर्कआउट और हार्ट अटैक की समस्या

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को जिस प्रकार से वर्कआउट के दौरान दिल का दौरा पड़ा, इसने एक बार फिर से वर्कआउट और हार्ट अटैक के संबंध को लेकर लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। राजू श्रीवास्तव से पहले कई  मशहूर सेलेब्रिटीज भी इसी तरह की समस्या के शिकार हो चुके हैं। वैसे तो व्यायाम को अच्छे स्वास्थ्य का मानक माना जाता रहा है, पर हाल के वर्षों में देखा गया है कि फिटनेस को लेकर काफी अलर्ट रहने वाले बॉलीवुड स्टार्स और सेलिब्रिटी हार्ट अटैक के ज्यादा शिकार हो रहे हैं।

अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला, कैजाद कपाड़िया, पुनीत राजकुमार की वर्कआउट के दौरान आए हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। इसके अलावा मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा को भी दिल का दौरा पड़ चुका है। आइए इसके कारणों को समझने की कोशिश करते हैं।
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हार्ट अटैक के बढ़ते मामले - फोटो : istock
फिटनेस के चहेते लोगों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले

फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वालों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को समझने के लिए हमने वडोदरा स्थित वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विकास आनंद पटेल से संपर्क किया। डॉ विकास बताते हैं, राजू श्रीवास्तव को हार्ट अटैक क्यों आया इसका सही पता मेडिकल रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद ही लग सकेगा, महत्वपूर्ण यह है कि क्या वह पहले से हृदय की समस्याओं के शिकार हैं या नहीं?

जिन लोगों को पहले से ही हृदय से संबंधित किसी प्रकार की समस्या होती है, ऐसे लोगों में वर्कआउट के दौरान अधिक तीव्रता वाले अभ्यास करने के कारण दिल पर दबाव बढ़ने का खतरा हो सकता है, जो गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।

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सेलेब्रिटीज में हार्ट अटैक की समस्या - फोटो : Pixabay
क्या हो सकते हैं इसके कारण?

डॉ विकास कहते हैं, हाल के वर्षों में सेलेब्रिटीज में हार्ट अटैक के मामलों की खबरे ज्यादा सामने आ रही हैं। ज्यादातर रिपोर्ट्स देखें तो पता चलता है कि इसके लिए सेलेब्रिटीज की गड़बड़ लाइफस्टाइल को प्रमुख कारक माना जा सकता है। देर रात तक जगना, खान-पान का कोई तय समय न होना और इससे गंभीर है सर्केडियन रिदम में गड़बड़ी यानी सोने-जागने का समय सही न होना।

हृदय रोगों के बढ़ते मामलों के लिए नींद की कमी को प्रमुख कारक के तौर पर देखा जाता रहा है जिससे ज्यादातर सेलेब्रिटीज परेशान रहते हैं। इसके अलावा अधिक फिटनेस के चक्कर में कुछ लोग बहुत अधिक व्यायाम भी करने लगते हैं उनमें भी इसका खतरा अधिक होता है। धूम्रपान और शराब की लत भी गंभीर है यह भी हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा देती है।
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क्षमता के अनुसार ही करें वर्कआउट - फोटो : Pixels
तो क्या वर्कआउट नहीं करना चाहिए?

वर्कआउट के दौरान बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों के बाद यह सवाल ज्यादातर लोगों के मन में है। इस बारे में डॉ विकास कहते हैं, ऐसा नहीं है कि वर्कआउट करना नहीं चाहिए, पर अपने सेहत के आधार पर व्यायाम का चयन बहुत आवश्यक है। यदि आपको पहले से ही हृदय रोगों की समस्या है और बाद इंटेंस वर्कआउट करते हैं तो इसके कारण छाती पर दबाव बढ़ सकता है। वर्कआउट आपके हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है, पर अपनी क्षमता और व्यायाम की तीव्रता का विशेष ध्यान रखने के साथ लाइफस्टाइल को ठीक रखने पर ध्यान देना चाहिए। 


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नोट: यह लेख विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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