रेबीज संक्रमित जानवरों से रहें दूरी
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क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
इस समस्या के बारे में समझने के लिए हमने ग्रेटर नोएडा स्थित एक अस्पताल में एमडी, इंटरनल मेडिसिन, डॉ श्रेय श्रीवास्तव से संपर्क किया। डॉ श्रेय बताते हैं, रेबीज वायरस आमतौर पर गली के कुत्ते, बंदर, लोमड़ी और बिल्लियों में पाया जाता है। इन जानवरों के काटने से संक्रमण के प्रसार का खतरा हो सकता है।
सबसे गंभीर बात ये है कि रेबीज के कारण मृत्युदर 100 फीसदी के करीब रहता है, मतलब अगर किसी को रेबीज हो जाए तो इसका इलाज लगभग असंभव हो जाता है।
रेबीज के कारण रोगियों को हाइड्रोफोबिया होने का खतरा अधिक रहता है, जिसमें व्यक्ति को पानी से डर लगने लगता है, इसके अलावा कुछ भी खाने में दिक्कत होने लगती है।