यूं तो मीठे का शौक सभी को होता है लेकिन कभी कभी मीठे का शौक आपकी तकलीफों को बढ़ा देता है। अगर महिलाएं मीठा खाना कम कर दें तो उन्हें मेनोपॉज की तकलीफ से निजात मिल सकती है।
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मेनोपॉज की दिक्कतों को बढ़ा देगा मीठे का शौक, संभल कर खाएं
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ये कहना है ब्रिटेन के न्यूज चैनल स्काई न्यूज की एंकर के बुरले का। उन्होंने बताया कि वह शुरू से मीठे की शौकीन रही हैं। मीठा छोड़ना उनके लिए आसान नहीं था। लेकिन यूएस चुनाव के दौरान उन्होंने ये कदम उठाया। उन्होंने मीठा छोड़, डाइट में दलिया, अंडे, टोस्ट, दही और, मेवे आदि खाना शुरू किया।
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मेनोपॉज की दिक्कतों को बढ़ा देगा मीठे का शौक, संभल कर खाएं
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वह डिनर में सिर्फ सलाद लेती थी। उनका कहना है कि अगर वह मीठा खाना छोड़ सकती हैं तो दूसरे भी ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने बताया, 'मीठा छोड़ने के बाद दो चीजें बदलीं। पहला- नवंबर में मैं 56 साल की हो गई। मुझे महसूस हुआ कि चीजें सिर्फ एक ही तरह से जा सकती हैं। मैं अभी भी पहले की तरह नाचना चाहती थीं। मीठा छोड़ने से मैं पहले से बहुत पतली हो गई और मेरे अंदर एनर्जी भी बढ़ी है।
मेनोपॉज की दिक्कतों को बढ़ा देगा मीठे का शौक, संभल कर खाएं
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दूसरा, मैं इस डाइट पर जाने से पहले कार्डिओलॉजिस्ट असीम मल्होत्रा से मिली थी। उन्होंने मुझे बताया कि किस तरह मीठा हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने मीठे की तुलना सिगरेट से की और कहा कि ये भी एक प्रकार की निकोटिन है। इसकी भी बहुत बुरी लत लग जाती है। उनके कहने पर मैंने मीठा छोड़ दिया, शुरू में मुझे सिर दर्द होता था और चक्कर आते थे लेकिन बाद में सब ठीक हो गया। मुझे इसकी आदत पड़ गई।'
मेनोपॉज की दिक्कतों को बढ़ा देगा मीठे का शौक, संभल कर खाएं
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बुरले ने बताया कि वह एक सकरात्मक सोच रखने वाली महिला हैं। इसलिए उन्हें मीठा छोड़ना मुश्किल नहीं लगा। उन्होंने मेनोपॉज के समय भी यही डाइट रखी और इससे होने वाली तकलीफों से उन्हें निजात मिली। ऐसा करने से उन्होंने अपना वजन तो कम किया ही है साथ ही में अब वे बहुत स्वस्थ महसूस करती हैं। उन्हें हाई बल्ड प्रेशर की समस्या थी जो अब दूर हो गई है। उनका कहना है कि उनके बेटे ने भी उनमें ये फर्क देखा है।