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Health Guide: जिम वालों की पहली पसंद है प्रोटीन शेक, जानिए ये सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक

Sun, 22 Mar 2026 07:55 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Protein Powder Ke Fayde Aur Nuksan: एक स्वस्थ वयस्क को प्रति किलोग्राम वजन पर लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। क्या आप प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रोटीन शेक लेते हैं? ये फायदेमंद है या नुकसानदायक, आइए जान लेते हैं।
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प्रोटीन शेक लेते हैं तो जान लीजिए इसके खतरे - फोटो : freepik.com
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। हमें नियमित रूप से कई प्रकार के पोषक तत्वों की जरूरत होती है, ताकि शरीर के सभी कार्य ठीक तरीके से होते रहें। प्रोटीन हमारे लिए सबसे आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है। यह हमारी मांसपेशियों, त्वचा, बाल, नाखून, एंजाइम और हार्मोन्स के निर्माण में मदद करता है। 

एक स्वस्थ वयस्क को प्रति किलोग्राम वजन पर लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। जिन लोगों को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता उनमें कमजोरी, मांसपेशियों में कमी और इम्युनिटी से संबंधित समस्याएं बढ़ जाती हैं।

प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग प्रोटीन शेक लेते हैं, विशेषकर जिम वाले लोगों का ये सबसे पसंदीदा माना जाता है। क्या प्रोटीन शेक वास्तव में फायदेमंद हैं, आइए इस बारे में समझते हैं।
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मांसपेशियों के लिए प्रोटीन जरूरी - फोटो : Freepik.com
पहले जान लीजिए प्रोटीन के क्या-क्या काम हैं?

अगर आपको लगता है प्रोटीन सिर्फ मांसपेशियां बनाता है तो आप गलत हो सकते हैं। ये शरीर के लिए कई मायनों में बहुत जरूरी है।
 
  • प्रोटीन मांसपेशियों को बढ़ाने और रिपेयर करने में अहम भूमिका निभाता है। व्यायाम के बाद मांसपेशियां टूटती हैं, प्रोटीन इसकी मरम्मत करता है। यही वजह है कि जिम करने वाले प्रोटीन शेक बहुत पसंद करते हैं।
  • प्रोटीन पेट को देर तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। ऐसे में ये वजन घटाने में सहायक हो सकती है।
  • प्रोटीन कई एंटीबॉडी भी बनाता है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं। 
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क्या प्रोटीन शेक लेना सुरक्षित है? - फोटो : Adobe Stock
प्रोटीन शेक लेना ठीक है या नहीं?

आहार विशेषज्ञ कहते हैं प्रोटीन शेक दो प्रकार के होते हैं, एक- बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर और दूसरा घर पर तैयार किया गया शेक।

अगर आपकी डाइट में दाल, पनीर, अंडा, दूध, सोया, चना, राजमा या नट्स जैसे स्रोत पर्याप्त मात्रा में  हैं, तो अलग से प्रोटीन शेक की जरूरत नहीं होती। हालांकि एथलीट और अधिक मेहनत करने वालों को ज्यादा प्रोटीन चाहिए होता है, वे डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से प्रोटीन शेक ले सकते हैं।

हालांकि ये संतुलित और प्राकृतिक स्रोतों से लेना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

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प्रोटीन पाउडर के नुकसान - फोटो : Adobe Stock
प्रोटीन पाउडर शेक ले सकते हैं या नहीं?

बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर को कई अध्ययनों में सेहत के लिए नुकसानदायक पाया गया है। एक अध्ययन में  शोधकर्ताओं ने 134 उत्पादों की जांच की और पाया कि कई प्रोटीन पाउडर में भारी धातुएं जैसे (लेड, आर्सेनिक, कैडमियम और मर्करी), बिस्फेनॉल-ए (BPA, जिसका उपयोग प्लास्टिक बनाने के लिए किया जाता है) और सेहत के लिए नुकसानदायक कई अन्य तत्व हो सकते हैं।
 
  • प्रोटीन पाउडर में स्टेरॉइड्स भी हो सकती है, जिससे सेहत को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है। 
  • जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर जिन्हें पहले से किडनी की बीमारी हो उनके लिए खतरा बढ़ सकता है। 
  • प्रोटीन पाउडर में चीनी, आर्टिफिशियल स्वीटनर, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं जो पाचन की दिक्कतों को बढ़ा सकते हैं।
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प्रोटीन कैसे प्राप्त करें? - फोटो : Amarujala
हेल्दी प्रोटीन लेना अच्छा विकल्प

अगर आपको अतिरिक्त प्रोटीन की जरूरत है, तो इसके लिए प्राकृतिक स्रोतों की आहार में मात्रा बढ़ाएं। दूध, दही, पनीर, अंडा, दालें, चना, राजमा, सोयाबीन और मूंगफली अच्छे और सुरक्षित स्रोत माने जाते हैं। घर पर हेल्दी प्रोटीन शेक बनाने के लिए आप दूध या दही में केला, मूंगफली बटर, भीगे हुए बादाम, चिया सीड्स या ओट्स मिला सकते हैं। इससे आपको प्रोटीन के साथ फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भी मिलेंगे।

अगर आप प्रोटीन सप्लीमेंट लेना चाहते हैं तो भरोसेमंद ब्रांड का ही लें और लेबल पर शुगर, एडिटिव्स और स्टेरॉइड्स की मात्रा जरूर जांच लें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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