खून
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नियमित जांच की अनदेखी
40 की उम्र के बाद, खासकर अगर परिवार में कैंसर का इतिहास रहा हो, तो नियमित जांच करवाना बेहद जरूरी है। प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन (पीएसए) टेस्ट और डिजिटल रेक्टल एग्जाम (डीआरई) जैसी जांचें प्रोस्टेट कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाने में मदद करती हैं, समय पर इस बीमारी का पता लगने पर प्रोस्टेट कैंसर का प्रभावी इलाज किया जा सकता है, जिससे रोग-मुक्त होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
स्रोत और संदर्भ
Prostate Cancer Risk Factors
Prostate cancer prevention: Ways to reduce your risk
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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