जीका का इतिहास
जीका मच्छर का वायरस एडीज मच्छर के काटने से मनुष्यों में फैलता है यह मच्छर दिन के दौरान सक्रिय रहता है। इसके प्रभाव का अध्ययन 1947 के समय में जीका को सबसे पहले जानवरों के समुदाय (बंदरों) में पता चला, जब पूर्व अफ्रीका में युगांडा के जंगल में यह संक्रमण फैला था।
1952 में मनुष्यों में पहला जीका संक्रमण पाया गया। 2007 तक, जीका संक्रमण केवल अफ्रीका और एशिया के हिस्सों में पाया जाता था। 2007 में, ओशिनिया (याप के द्वीप, माइक्रोनेशिया के संघीय राज्यों) से एक बड़े प्रकोप की सूचना मिली थी। 2016 में, जब ब्राजील (दक्षिण अमेरिका) में कई मामलों का पता चला, डब्ल्यूएचओ ने वायरस के प्रसार को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिये आपातकाल घोषित कर दिया।अब 2018 में राजस्थान के जयपुर में जीका वायरस के 22 मामले सामने आए हैं।
जान लीजिए मच्छरों को मारने का जादुई फॉर्मूला, पास नहीं फटकेंगे जीका वायरस और डेंगू
जीका वायरस जयपुर में दे चुका है दस्तक, बचने के लिए बरतें ये 5 सावधानियां