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Pregnant Women Health Care: अगर घर में नई-नई प्रेग्नेंट महिला है तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

Thu, 09 Jul 2026 04:58 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pregnant Women Health Care: अगर आपके घर पर कोई ऐसी महिला है, जो हाल ही में प्रेगनेंट हुई है तो यहां कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं, जिनका ध्यान अवश्य रखें।
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गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में क्या करें और क्या नहीं? - फोटो : AI
 Pregnant Women Health Care: गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का बेहद खास और संवेदनशील चरण होता है। खासकर प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन महीने यानी पहला ट्राइमेस्टर, मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस दौरान शिशु के प्रमुख अंगों का विकास शुरू होता है, इसलिए खानपान, जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी छोटी-सी लापरवाही भी नुकसानदायक हो सकती है। 

कई महिलाओं को इस समय थकान, मतली, उल्टी, कमजोरी और हार्मोनल बदलाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि परिवार के किसी सदस्य की हाल ही में प्रेग्नेंसी कन्फर्म हुई है, तो शुरुआती दिनों में विशेष देखभाल की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए।

 
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गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में क्या करें और क्या नहीं? - फोटो : Adobe Stock
1. डॉक्टर से जल्द जांच कराएं
 
  • प्रेग्नेंसी की पुष्टि होने के बाद बिना देरी किए स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) से पहली जांच कराना बेहद जरूरी है।
  • शुरुआती जांच के दौरान डॉक्टर मां और गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति का आकलन करते हैं।
  • जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच कराई जाती हैं, ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समय रहते पता चल सके।
  • नियमित चेकअप से गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं का जोखिम भी कम किया जा सकता है।

 
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गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में क्या करें और क्या नहीं? - फोटो : Freepik.com
 2. फोलिक एसिड और जरूरी दवाएं समय पर लें
 
  • गर्भावस्था के पहले कुछ सप्ताह शिशु के मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और अन्य महत्वपूर्ण अंगों के विकास के लिए बेहद अहम होते हैं।
  • इसलिए डॉक्टर आमतौर पर फोलिक एसिड की गोलियां लेने की सलाह देते हैं।
  • इसके अलावा आयरन, कैल्शियम या अन्य सप्लीमेंट्स भी जरूरत के अनुसार दिए जा सकते हैं।
  • किसी भी तरह की दवा, हर्बल उत्पाद या सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना न लें, क्योंकि कुछ दवाएं गर्भ में पल रहे शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।

 

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गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में क्या करें और क्या नहीं? - फोटो : Freepik.com
3. पौष्टिक और संतुलित आहार लें
 
  • गर्भावस्था के दौरान मां का खानपान सीधे शिशु के विकास को प्रभावित करता है।
  • इसलिए भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज, दूध, दही, पनीर, अंडे (यदि खाते हों) और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें।
  • फास्ट फूड, अत्यधिक तला-भुना और पैकेज्ड फूड का सेवन कम करें।
  • लंबे समय तक खाली पेट न रहें और दिनभर पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।

 
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गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में क्या करें और क्या नहीं? - फोटो : adobe stock
 4. पर्याप्त आराम करें
  • गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में हार्मोनल बदलाव के कारण थकान, कमजोरी और नींद अधिक आना सामान्य बात है।
  • ऐसे में शरीर को पर्याप्त आराम देना जरूरी है।
  • रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद लें और जरूरत महसूस होने पर दिन में भी कुछ समय आराम करें।
  • भारी सामान उठाने, लंबे समय तक खड़े रहने और अत्यधिक शारीरिक मेहनत से बचें।
  • पर्याप्त आराम से शरीर स्वस्थ रहता है और गर्भस्थ शिशु के विकास में भी मदद मिलती है।

 
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गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में क्या करें और क्या नहीं? - फोटो : Freepik.com
 5. धूम्रपान, शराब और तंबाकू से पूरी तरह दूर रहें
 
  • गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान, शराब, तंबाकू या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन मां और शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
  • इससे गर्भपात, समय से पहले प्रसव, कम वजन वाले बच्चे का जन्म और जन्मजात विकारों का जोखिम बढ़ सकता है।
  • यदि परिवार में कोई धूम्रपान करता है, तो गर्भवती महिला को सेकेंड हैंड स्मोक से भी बचाना चाहिए।
  • स्वस्थ गर्भावस्था के लिए नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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