PMOS Awareness Month 2026: कुछ समय पहले ही पीसीओएस का नाम बदलकर पीएमओएस कर दिया गया है। ऐसे में आपको कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है। आइए जानते हैं इसके क्या लक्षण हैं और क्या इलाज है?
PMOS Awareness Month 2026: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी PCOS को अब PMOS यानी पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम के नाम से जाना जा रहा है। नाम बदलने का उद्देश्य यह बताना है कि यह समस्या सिर्फ अंडाशय तक सीमित नहीं है, बल्कि हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और प्रजनन स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।
PMOS से पीड़ित महिलाओं में कई समस्याएं देखी जा सकती हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती है। ऐसे में जब मौका पीएमओएस जागरूकता माह का है, तो आपको इसकी सही जानकारी देना जरूरी हो जाता है। आइए इसके लिए लेख को आखिर तक पढ़ें।
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PMOS के संकेत क्या होते हैं?
- फोटो : AI
PMOS क्या है?
PMOS एक ऐसी हार्मोनल और मेटाबॉलिक स्थिति है, जो महिलाओं के शरीर में हार्मोन के संतुलन और अंडाशय से जुड़ी सामान्य प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है। इसका असर पीरियड्स, अंडोत्सर्जन, त्वचा, वजन और प्रजनन क्षमता पर पड़ सकता है। पहले इसे PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम कहा जाता था। अब इसका नाम PMOS किया गया है। नाम बदलने के पीछे मुख्य वजह यह बताना है कि यह केवल अंडाशय में सिस्ट बनने की समस्या नहीं है, बल्कि शरीर के कई हार्मोनल और मेटाबॉलिक पहलुओं से जुड़ी स्थिति है।
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PMOS के संकेत क्या होते हैं?
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चेहरे पर ज्यादा बाल आना PMOS का संकेत क्यों हो सकता है?
PMOS में शरीर में पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन का स्तर बढ़ सकता है। इसके कारण महिलाओं के चेहरे पर सामान्य से ज्यादा और मोटे बाल आने लग सकते हैं।
खासकर:
ठुड्डी पर बाल
ऊपरी होंठ के ऊपर बाल
गालों पर बाल
गर्दन के आसपास बाल
छाती या पेट पर ज्यादा बाल
हालांकि, चेहरे पर ज्यादा बाल आने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ इस एक लक्षण के आधार पर PMOS का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
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PMOS के संकेत क्या होते हैं?
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क्या मुंहासे भी PMOS का संकेत हैं?
हां, PMOS में हार्मोनल बदलाव के कारण मुंहासों की समस्या हो सकती है। खासकर अगर मुंहासे बार-बार होते हैं और चेहरे के निचले हिस्से, ठुड्डी या जबड़े के आसपास ज्यादा दिखाई देते हैं, तो यह हार्मोनल बदलाव से जुड़ा हो सकता है। लेकिन हर महिला में मुंहासे PMOS की वजह से हों, यह जरूरी नहीं है। त्वचा की समस्या, तनाव, खान-पान और दूसरे हार्मोनल बदलाव भी इसके कारण हो सकते हैं।
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PMOS के संकेत क्या होते हैं?
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PMOS के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
PMOS के लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
पीरियड्स का अनियमित होना
कई महीनों तक पीरियड्स न आना
चेहरे और शरीर पर ज्यादा बाल आना
बार-बार मुंहासे होना
त्वचा का ज्यादा तैलीय होना
वजन बढ़ना
वजन कम करने में परेशानी होना
सिर के बालों का तेजी से झड़ना या पतला होना
ओव्यूलेशन में परेशानी
गर्भधारण करने में दिक्कत
शरीर में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता कम होना
जरूरी नहीं कि किसी महिला में ये सभी लक्षण एक साथ दिखाई दें।
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PMOS के संकेत क्या होते हैं?
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PMOS होने पर पीरियड्स क्यों अनियमित हो जाते हैं?
PMOS में हार्मोन का संतुलन बिगड़ने के कारण ओव्यूलेशन नियमित रूप से नहीं हो पाता। इसी वजह से पीरियड्स देर से आ सकते हैं, अनियमित हो सकते हैं या कई बार लंबे समय तक नहीं आते। अगर लगातार पीरियड्स अनियमित हैं, तो इसे केवल तनाव या व्यस्त जीवनशैली की वजह मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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PMOS और वजन बढ़ने का क्या संबंध है?
कई महिलाओं में PMOS के साथ इंसुलिन प्रतिरोध की समस्या देखी जा सकती है। ऐसी स्थिति में शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसके कारण वजन बढ़ने और वजन कम करने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, हर महिला जिसे PMOS है, उसका वजन अधिक हो, यह जरूरी नहीं है। सामान्य वजन वाली महिलाओं में भी PMOS हो सकता है।
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PMOS का इलाज क्या है?
PMOS का कोई एक निश्चित इलाज नहीं है। इसका प्रबंधन महिला के लक्षणों और जरूरत के हिसाब से किया जाता है।
मुंहासों और चेहरे के ज्यादा बालों के लिए उपचार दे सकते हैं
इंसुलिन प्रतिरोध या ब्लड शुगर की समस्या का इलाज कर सकते हैं
गर्भधारण की योजना होने पर अंडोत्सर्जन और प्रजनन क्षमता से जुड़ा उपचार कर सकते हैं
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।