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Health Tips: तेल-मसाले के अलावा दिनचर्या की ये आदतें बढ़ा देती हैं पाइल्स का खतरा, आज से ही बरतें सावधानियां

Sat, 27 Sep 2025 02:53 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Habits That Cause Piles:अक्सर लोगों को लगता है कि पाइल्स होने का सबसे बड़ा कारण सिर्फ तेल मसाला का सेवन है, लेकिन ये धारणा गलत है। असल में पाइल्स बीमारी होने के कई कारण होते हैं, जिनमें से एक तेल मसाला है, इसके अलावा हमारे दिनचर्या की कुछ गलत आदतें भी होती हैं, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
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पाइल्स की समस्या (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik.com
Hemorrhoids Risk Factors: पाइल्स यानी बवासीर एक बेहद गंभीर बीमारी है, जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। आमतौर पर ज्यादातर लोग इस समस्या के पीछे अपने खान-पान, खासकर तेल-मसाले वाली चीजों को जिम्मेदार मानते हैं। यह बात सच है कि गलत खान-पान इस समस्या को बढ़ा सकता है, लेकिन इसके अलावा अक्सर हमारी दिनचर्या में छिपी कुछ गलत आदतें होती हैं, जिन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता।

बवासीर का मुख्य कारण गुदा और मलाशय के निचले हिस्से की नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ना है, जिससे उनमें सूजन आ जाती है। यह दबाव सिर्फ मसालेदार भोजन से ही नहीं, बल्कि हमारी बैठने की आदत, डाइट और यहां तक कि वजन उठाने के तरीके से भी बढ़ सकता है। अगर आप इस तकलीफदेह बीमारी से बचना चाहते हैं, तो सिर्फ तेल-मसाले छोड़ने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आपको अपनी इन दैनिक आदतों को भी आज से ही सुधारना होगा।
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फाइबर की कमी से बढ़ता है पाइल्स का जोखिम - फोटो : Freepik.com
फाइबर और पानी की कमी
पाइल्स का सबसे बड़ा और सीधा कारण पुरानी कब्ज है। जब डाइट में फाइबर की कमी होती है, तो मल सख्त हो जाता है, जिसे बाहर निकालने के लिए अधिक जोर लगाना पड़ता है। मैदे से बनी चीजें, जंक फूड और प्रोसेस्ड आहार का अधिक सेवन कब्ज की समस्या बढ़ जाती है।

इसी तरह दिनभर में कम पानी पीना भी कब्ज होने का एक बड़ा कारण है। पानी की कमी से भी मल सूखकर कठोर हो जाता है। इसलिए अपनी डाइट में फल, सलाद, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें और दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं। 
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थकान - फोटो : Freepik
सैडेंटरी लाइफस्टाइल सबसे बड़ा कारण
सैडेंटरी लाइफस्टाइल यानी गतिहीन जीवनशैली पाइल्स के सबसे बड़े कारणों में से एक है। घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, टीवी देखना या गाड़ी चलाने से मलाशय की नसों पर सीधा और निरंतर दबाव पड़ता है, साथ ही शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण हमारी पाचन क्रिया भी धीमी हो जाती है।

धीमा पाचन कब्ज को जन्म देता है, जो पाइल्स की मूल जड़ है। कई लोग टॉयलेट में मोबाइल फोन या अखबार लेकर बैठते हैं, जिससे वे अनजाने में ही नसों पर लंबे समय तक दबाव डालते रहते हैं, जो पाइल्स का एक प्रमुख कारण बन सकता है।
 

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पाइल्स की समस्या - फोटो : Freepik.com
भारी वजन उठाना और शौच को रोकना
जिम में गलत तरीके से भारी वजन उठाने या कोई भारी सामान उठाते समय सांस रोकने से पेट के निचले हिस्से और मलाशय की नसों पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। यह बढ़ा हुआ दबाव भी नसों में सूजन पैदा कर सकता है।

इसके अलावा काम के चक्कर में या अन्य कारणों से शौच करने की इच्छा को रोकना भी एक बहुत बुरी आदत है। ऐसा करने से मल आंतों में सूख जाता है और बाद में उसे त्यागने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, जो पाइल्स का कारण बन सकता है।

 
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पाइल्स की समस्या - फोटो : Freepik.com
सावधानियां
बवासीर मुख्य रूप से एक जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है। इससे बचने के लिए तेल-मसाले पर ध्यान देने के साथ-साथ इन आदतों को सुधारना भी जरूरी है। नियमित रूप से व्यायाम करें, सक्रिय जीवनशैली अपनाएं, शरीर का सही वजन बनाए रखें और शौच के समय जोर लगाने से बचें। अपनी दिनचर्या में ये छोटे-छोटे बदलाव करके आप इस दर्दनाक बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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