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SPECIAL: फास्ट फूड ही नहीं, बच्चों के मोटापे के लिए पेरेंट्स भी जिम्मेदार

Wed, 06 Nov 2019 06:57 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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मोटापा - फोटो : Pixabay
मोटापा एक ऐसी बीमारी है जो आपके बच्चे को अपने साथ ही कई दूसरी बीमारियां भी देती है। मोटापे की वजह से आपके बच्चों में दिल से जुड़ी बीमारियां, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 डायबिटीज और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती हैं। एक अध्ययन कहता है कि आपका बच्चा उम्र के सातवें पड़ाव में सबसे ज्यादा मोटापे का शिकार होता है। ये ही वो उम्र होती है जब बच्चे का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। आम तौर पर मोटापे के लिए फास्ट फूड और हमारी खानपान की आदत को जिम्मेदार ठहराया जाता है लेकिन एक शोध में बच्चों में बढ़ने वाले मोटापे के लिए अभिभावकों को जिम्मेदार माना गया है। आइए जानते हैं क्यों इस शोध में बच्चों के मोटापे के लिए पेरेंट्स को जिम्मेदार ठहराया गया है...
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मोटापा - फोटो : Pixabay
यह शोध कहता है कि जिन बच्चों के कोई भाई-बहन नहीं होते उनमें मोटापे की बीमारी सात गुना ज्यादा होती है। यह बात इसलिए कही गई है कि कई बच्चों वाले परिवार में खाना कम खाया जाता है और भोजन को लेकर सही योजना होती है। यह शोध बताता है कि ब्रिटेन में हर पांच में से एक बच्चा उस वक्त से ही ओवरवेट हो जाता है जब वो शिक्षा के लिए प्राइमरी स्कूल में दाखिला लेता है। सेकेंडरी स्कूल पहुंचते ही यह संख्या हर तीन में से एक बच्चे की हो जाती है।
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parents
बात अगर अमेरिका की हो तो यहां हर तीसरा बच्चा मोटापे का शिकार है। यूनिवर्सिटी ऑफ ओकलाम ने मोटापे के अध्ययन के लिए 68 युवाओ के खानपान की आदत का एक हफ्ते तक विश्लेषण किया है। इसके लिए 27 बच्चों को एक ग्रुप और बाकी के 41 बच्चों को, जिनके सहोदर थे दूसरे ग्रुप में रखा गया। विश्लेषण में देखा गया कि जो बच्चे मां-बाप की इकलौती संतान थे वो 37 फीसदी ज्यादा मोटापे की चपेट में थे। जबकि जिन बच्चों के भाई-बहन थे वो सिर्फ पांच फीसदी ही मोटापे के शिकार थे। इस तरह इकलौती संतान वाले बच्चे 72 फीसदी और भाई-बहनों वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाले बच्चे 53 फीसदी मोटापे के शिकार थे।

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obesity
इस अध्ययन से जुड़ी चेल्सी का कहना है कि इस अध्ययन के लिए बच्चों के साथ ही उनके परिवारों के खानपान व्यवहार का भी विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन को करने के लिए बच्चों के खानपान की डायरी  बनाई गई। देखा गया कि बच्चे स्कूल में कितना प्रोटीन ले रहे हैं और किस तरह का खाना खा रहे हैं।
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मोटापा
बच्चों के अभिभावकों के लिए एक प्रश्नावली तैयार की गई और उनसे बच्चों के खानपान को लेकर कई सवाल किए गए। इसमें बच्चों के खानपान और ड्रींक की पसंद को भी शामिल किया गया। शोध में यह बात भी सामने आई कि जिन माओं के एक ही बच्चा है, वो मल्टीपल चिल्ड्रेन वाली माओं से ज्यादा मोटी थीं। इस तरह, शोधकर्ताओं ने बच्चों के मोटापे के लिए खानपान के साथ ही अभिभावकों को भी जिम्मेदार ठहराया।
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बीमारी - फोटो : Pixabay
मोटापे से बच्चों में होने वाली बीमारियां
मोटापे की वजह से बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। हृदय संबंधी बीमारियां भी घेर लेती हैं जिसकी वजह से कई बार किडनी फेल होने की नौबत भी आ जाती है। मोटापे की वजह से बच्चों को हाइपरटेंशन की बीमारी भी अपनी चपेट में ले लेती है।
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