कैंसर किसी भी तरह का हो, इसे बेहद गंभीर और जानलेवा माना जाता है। हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर के कारण हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो अगर समय रहते कैंसर का निदान हो जाए तो इलाज और रोगी की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। पर चिंताजनक बात यह है कि ज्यादातर कैंसर की पहचान उसके उन्नत स्टेज में ही हो पाती है। इसका एक प्रमुख कारण है कि समय रहते हम कैंसर के लक्षणों की पहचान नहीं कर पाते हैं। पैंक्रियास या अग्नाशय का कैंसर, ऐसा ही एक बेहद गंभीर और तेजी से बढ़ता कैंसर का रूप है। साल 2017 के आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में इस एक साल में 4.47 लाख से अधिक लोगों में अग्नाशय के कैंसर का पता चला।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि समय पर इस रोग का निदान और इलाज नहीं हो पाता है, यही कारण है कि पैंक्रियास कैंसर के रोगियों के जीवित रहने की दर आश्चर्यजनक रूप से केवल 6 प्रतिशत ही है। कैंसर के सबसे दर्दनाक रूपों में से एक- पैंक्रियास कैंसर, तब होता है जब कैंसर कोशिकाएं अग्नाशय या उसके आसपास असामान्य रूप से बढ़ना शुरू कर देती हैं। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि समय रहते इस कैंसर की पहचान कैसे की जा सकती है?