भारत में अब भी अंग दाताओं में कमी
- फोटो : iStock
अब भी अंगदान में कमी विशेष समस्या
इससे पहले देश में अंगदान की कमी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई थी। डॉक्टरों के मुताबिक मांग और प्रत्यारोपण के बीच बड़ा अंतर है, जो देश में हजारों मौतों का कारण बन रहा है। सिर्फ हृदय और लीवर ही नहीं, किडनी, कॉर्निया और फेफड़ों के प्रत्यारोपण के लिए भी इंतजार कर रहे मरीजों की एक लंबी सूची है।
एसजीपीजीआई लखनऊ की एक रिपोर्ट के मुताबिक दानदाताओं और प्राप्तकर्ताओं के बीच व्यापक अंतर के कारण, भारत में सालाना अनुमानित दो लाख मरीज लिवर फेलियर या लिवर कैंसर के कारण मर जाते हैं। उनमें से लगभग 10-15% को समय पर लीवर प्रत्यारोपण से बचाया जा सकता था। भारत में सालाना लगभग 25,000-30,000 लिवर प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, लेकिन केवल 1,500 ही किए जा रहे हैं।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।