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Arthritis: क्या आपके भी उंगलियों के जोड़ों में रहता है दर्द? कहीं ये आर्थराइटिस की समस्या तो नहीं

Mon, 28 Jul 2025 01:27 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Arthritis Symptoms: उंगलियों के जोड़ों में लगातार दर्द या जकड़न आर्थराइटिस का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह बीमारी अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई  युवा भी प्रभावित हो रहे हैं। अगर समय पर इसकी पहचान हो जाए और प्रबंधन किया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है।  
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आर्थराइटिस - फोटो : Adobe Stock
Early Signs Of Arthritis: अक्सर हम अपने शरीर में होने वाले छोटे-मोटे दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर जब बात जोड़ों के दर्द की होती है। वैसे तो ये दर्द कई बार थोड़े समय के लिए होता है और फिर आराम हो जाता है, लेकिन अगर ये लंबे समय तक बना रहे तो ये आर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। अगर सुबह उठते ही आपके उंगलियों के जोड़ में दर्द होता है या शरीर के किसी और जोड़ों में भी दर्द होता है तो ये आर्थराइटिस के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

आर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जो आमतौर पर बुजुर्गों में देखने को मिलती है, लेकिन कुछ मामलों में ये युवाओं को भी प्रभावित कर सकती है। उंगलियों के छोटे जोड़ अक्सर इस बीमारी से सबसे पहले प्रभावित होते हैं। अगर आर्थराइटिस के लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो इस बीमारी का प्रबंधन सरल हो सकता है। आइए इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि उंगलियों के जोड़ों में दर्द का आर्थराइटिस से क्या संबंध हो सकता है, साथ ही इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय भी जानेंगे।
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गठिया - फोटो : Freepik.com
आर्थराइटिस के प्रमुख लक्षण
आर्थराइटिस का सबसे आम लक्षण है जोड़ों में दर्द और जकड़न महसूस होना, खासकर सुबह उठने के बाद या लंबे समय तक बैठे रहने पर। उंगलियों के जोड़ों में सूजन, लालिमा और गर्माहट भी इसके संकेत हो सकते हैं। कुछ मामलों में जोड़ों की गति सीमित हो जाती है, जिससे रोजमर्रा के काम, जैसे बटन बंद करना या पकड़ना, मुश्किल हो जाता है।

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गठिया - फोटो : Freepik.com
रूमेटॉइड आर्थराइटिस में थकान और बुखार जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। अगर आपको भी ये लक्षण दिख रहे हैं तो किसी डॉक्टर से सलाह लेकर इसी जांच कराएं। रूमेटॉइड आर्थराइटिस की पुष्टि के लिए रूमेटॉइड फैक्टर और एंटी-CCP टेस्ट किए जाते हैं।

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हड्डियों की बीमारी - फोटो : Freepik.com
आर्थराइटिस के कारण और जोखिम कारक
आर्थराइटिस के कारणों में उम्र, आनुवंशिकता, चोट और ऑटोइम्यून विकार शामिल हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस अक्सर उम्र बढ़ने या जोड़ों पर अत्यधिक दबाव के कारण होता है, जबकि रूमेटॉइड आर्थराइटिस में इम्यून सिस्टम गलती से जोड़ों पर हमला करता है। मोटापा, गतिहीन जीवनशैली और विटामिन डी की कमी भी इसके जोखिम बढ़ा देते हैं। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, खासकर मेनोपॉज के बाद, आर्थराइटिस का खतरा बढ़ा सकते हैं।
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हड्डियों की बीमारी - फोटो : Freepik.com
बचाव
आर्थराइटिस से बचाव के लिए वजन नियंत्रित रखना जरूरी है, क्योंकि अतिरिक्त वजन जोड़ों पर दबाव डालता है। संतुलित आहार लें, जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (मछली, अखरोट) और विटामिन डी (दूध, सूरज की रोशनी) शामिल हों। ये हड्डियों और जोड़ों को मजबूत करता है। धूम्रपान और शराब से परहेज करें। दर्द होने पर गर्म सिकाई और हल्की मालिश राहत दे सकती है। लेकिन, अगर आपकी उंगलियों में लगातार दर्द या सूजन बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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