ब्रेन स्ट्रोक
स्ट्रोक असोसिएशन के मुताबिक, 57 फीसदी स्ट्रोक के मरीजों का कहना है कि मस्तिष्काघात के बाद उनका यौन जीवन बदल जाता है। यौन के प्रति उनकी इच्छा कम हो जाती है और वो लोग शारीरिक संबंध बनाने को लेकर डरने लगते हैं। यह डर फिर से स्ट्रोक का दौरा पड़ने को लेकर होता है।