शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को ठीक रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक माने जाते हैं, इनमें से एक में भी गड़बड़ी का असर दूसरी सेहत पर सीधे तौर पर पड़ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं दुनियभार में तेजी से बढ़ती जा रही हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर हम लोग शरीर को स्वस्थ रखने के उपाय तो कर लेते हैं, पर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते। यह खतरनाक हो सकता है क्योंकि कई मानसिक बीमारियों को गंभीर शारीरिक रोगों का प्रमुख कारण माना जाता है।
इसी बीच मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार सिंगापुर में एक तिहाई से अधिक युवा आबादी खराब मानसिक स्वास्थ्य का सामना कर रही है। गुरुवार को जारी युवा मानसिक स्वास्थ्य पर एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण के अनुसार, देश के एक तिहाई युवाओं ने अवसाद, चिंता या तनाव के गंभीर या बहुत गंभीर लक्षणों का अनुभव करने की बात स्वीकारी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ये काफी चिंताजनक विषय है। तनाव-अवसाद के गंभीर लक्षण कई मामलों में खतरनाक हो जाते हैं, जिसपर समय रहते ध्यान दिए जाने की जरूरत है।