फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इलाज में लापरवाही: डॉक्टरों की गलती, मरीजों को ऐसे पड़ती है भारी

Mon, 22 Jul 2019 01:59 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
डॉक्टर - फोटो : pixabay
दुनियाभर में इलाज में लापरवाही के चलते कई मरीज अपनी जान गंवा देते हैं। डॉक्टरों की जरा-सी गलती मरीज की जीवन लीला समाप्त कर देती है। एक नए अध्ययन का कहना है कि इलाज में लापरवाही के कई मामले तो ऐसे होते हैं जिन्हें थोड़ी-सी सावधानी बरतने पर डॉक्टर आसानी से रोक सकते थे। सर्जरी और इलाज के दौरान डॉक्टरों की जरा-सी चूक मरीज को या तो विकलांग बना देती है या फिर उसे मौत के मुंह में पहुंचा देती है।
 
विज्ञापन

2 of 5
डॉक्टर - फोटो : pixabay
यह अध्ययन बताता है कि विश्व में 12 में से एक मरीज को इलाज में लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ता है। हजारों की मौत हो जाती है और लाखों विकलांग हो जाते हैं। इस अध्ययन को मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है। अध्ययन का कहना है कि इलाज में लापरवाही के छह फीसदी मामले तो ऐसे होते हैं जो सावधानी से रोके जा सकते थे। सतर्कता से डॉक्टर दुनियाभर में इलाज में लापरवाही के आधे मामलों पर रोक लगा सकते हैं। अध्ययन यह बात भी कहता है।
 
विज्ञापन

3 of 5
doctor
इस अध्ययन का कहना है कि इलाज में लापरवाही के कई मामले तो दर्ज तक नहीं होते हैं। यानी डॉक्टरों की लापरवाही से मरीजों के जान गंवान के कई मामले संज्ञान में ही नहीं आते। अध्ययन के मुताबिक,  मेडिकल मिस्टेक के छह से सात मामले कभी दर्ज ही नहीं होते हैं। यह अध्ययन 335,000  मरीजों पर किया गया। अध्ययन में बताया गया है कि इलाज में लापरवाही के चलते हर साल अमेरिका में दो लाख से लेकर चार लाख लोगों की जान चली जाती है।
 

4 of 5
डॉक्टर - फोटो : social media
इसमें सर्जरी के दौरान लापरवाही, दवाओं का रिएक्शन और गलत तरीके से ऑपरेशन किया जाना शामिल है। ये सारी गलतियां डॉक्टरों की वजह से होती हैं। यह अध्ययन बार-बार इस बात पर जोर देता है कि डॉक्टर सतर्कता और सावधानी बरते तो इन मेडिकल मिस्टेक को रोका जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
doctor
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च का भी कहना है कि साल 2000 से लेकर 2009 तक लंदन में डॉक्टरों ने इलाज के दौरान छह फीसदी लोगों के जान को जोखिम में डाला। हालांकि इन मामलों में ऐसा भी नहीं है कि डॉक्टर जानबूझकर लगतियां करते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें