उल्टी-मितली की समस्या
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कैंसर मरीजों में क्यों बढ़ जाती है मितली और उल्टी की दिक्कत
दरअसल, कुछ कीमोथेरेपी दवाएं ऐसी कोशिकाओं और तंत्रों को प्रभावित कर सकती हैं, जिनसे मस्तिष्क के उल्टी नियंत्रित करने वाले हिस्से को संकेत मिलने लगते हैं।
- इसके अलावा पेट और आंतों में होने वाले बदलाव भी इस परेशानी को बढ़ा सकते हैं। हर मरीज में इसकी तीव्रता एक जैसी नहीं होती।
- दवा का प्रकार, उसकी खुराक, इलाज का तरीका और व्यक्ति की अपनी शारीरिक स्थिति इसके जोखिम को प्रभावित कर सकती है।
यही वजह है कि कैंसर के इलाज में सिर्फ ट्यूमर को नियंत्रित करना ही लक्ष्य नहीं होता, बल्कि इलाज से होने वाले दुष्प्रभावों को कम करना भी बेहद जरूरी होता है। मितली और उल्टी ज्यादा होने पर मरीज खाना-पीना कम कर सकता है, जिससे डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी, कमजोरी और पोषण की समस्या पैदा हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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