कोरोना वायरस के इलाज के लिए अब तक कोई प्रॉपर यानी निश्चित दवा नहीं बन पाई है, लेकिन अबतक जो दवाएं उपलब्ध है, उनमें से मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन काफी चर्चा में है। विश्व के 30 देशों के 37 फीसदी डॉक्टरों ने इसके असरदार होने पर अपनी मुहर लगाई है। 6200 डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों पर हुए सर्वे में 37 फीसदी ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को कोरोना वायरस के लिए सबसे प्रभावी बताया है। कई देशों में कोरोना के मरीजों पर इसके इस्तेमाल की अनुमति मिल चुकी है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अबतक ऐसी कोई दवा नहीं बनी है जो कोरोना से संक्रमण का इलाज कर सके।