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Egg Health Risk: रोज़ खाते हैं अंडे? सेवन से हो सकता है कैंसर का खतरा, जानिए कारण

Thu, 18 Dec 2025 03:37 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Nitrofurans In Eggs: मुर्गी को बैक्टीरिया से बचाने और ज्यादा अंडे के उत्पादन के लिए पोल्ट्री फार्मों में नाइट्रोफ़्यूरान्स जैसे प्रतिबंधित एंटीबायोटिक दिए जाते हैं, जो कि कैंसर के जोखिम, डीएनए खत्म करने और लिवर व कैंसर को नुकसान पहुंचाने में सहायक है।
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egg - फोटो : istock
एक कहावत है, संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे...। रोजाना अंडे का सेवन हृदय की कार्यप्रणाली को बेहतर बना सकता है। इसके साथ ही शरीर में गुड कोलेस्ट्राॅल की मात्रा बढ़ती है। यह मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होता है और आंखों व दिमाग को तेज बनाती है। अंडा सस्ता, सुलभ और प्रोटीन का भरोसेमंद स्त्रोत है। लेकिन एक हालिया रिपोर्ट में अंडे की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने देशभर के क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे ब्रांडेड और बिना ब्रांड वाले अंडों  के सैंपल इकट्ठा करके 10 मान्यता प्राप्त लैब में जांच के लिए भेजें। FSSAI अंडों के सैंपल में नाइट्रोफ्यूरान्स की मौजूदगी की जांच कर रहा है। सवाल है  कि नाइट्रोफ़्यूरान्स क्या है और अंजे में नाइट्रोफ़्यूरान्स जैसे प्रतिबंधित एंटीबायोटिक अवशेष कैसे मौजदू हो सकते हैं? इसका उपभोक्ता पर क्या सर हो सकता है। 
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अंडों में रसायन पर विवाद - फोटो : amarujala.com
नाइट्रोफ़्यूरान्स क्या हैं?

नाइट्रोफ़्यूरान्स एक एंटीबायोटिक समूह है, जिसका इस्तेमाल पहले पशुपालन और पोल्ट्री में संक्रमण रोकने के लिए होता था। WHO और कई अंतरराष्ट्रीय नियामक एजेंसियों ने इनके उपयोग पर रोक लगाई, क्योंकि इनके अवशेष (metabolites) कैंसर के जोखिम से जुड़े पाए गए। ये डीएनए को नुकसान वाले जीनोटाॅक्सिक हो सकते हैं और लंबे समय तक सेवन से लिवर व किडनी पर असर डाल सकते हैं। पोल्ट्री फार्मिंग में इन दवाओं का अवैध रूप से इस्तेमाल किया जाए, तो उनके अवशेष अंडों तक पहुंच सकते हैं। ईयू, यूएस और भारत (FSSI) जैसे देशों नें खाद्य पशुओं में इनका इस्तेमाल प्रतिबंधित है।
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egg eggs अंडा अंडे new - फोटो : istock
अंडों में ये कैसे पहुंचते हैं?

गलत या अवैध प्रैक्टिस से अंडों में नाइट्रोफ़्यूरान्स पहुंच जाता है। अगर पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों को प्रतिबंधित एंटीबायोटिक दिया जाए तो इसकी संभावना रहती है। इनका उपयोग मुर्गियों को बैक्टीरिया से बचाने और ज्यादा अंडे देवे के लिए गैरकानूनी तरीके से किया जाता है। खासकर उन पोल्ट्री फार्मिंग में जो छोटी है और बिना नियम कानून के संचालित होती हैं। किसी भी तरह के मुर्गियों के संपर्क में केमिकल के आने से इनके अवशेष अंडों में रह सकते हैं। हालांकि यह समस्या हर अंडे में नहीं होती, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ सप्लाई चैन में सामने आ सकती है।
 

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कैमिकल वाले अंडे से नुकसान - फोटो : Adobe Stock
सेहत को क्या नुकसान हो सकता है?

इस तरह के अंडे कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। डीएनए को नुकसान पहुंचा सककते हैं। कभी-कभार ऐसे अंडे खाने से तत्काल बीमारी होना दुर्लभ है। लेकिन लंबे समय तक लगातार सेवन से जोखिम बढ़ सकता है,खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वालों में। सबसे बड़ा खतरा तब है, जब नियमित निगरानी और टेस्टिंग कमजोर हो।
 
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अंडा - फोटो : Freepik
क्या अंडे खाना बंद कर दें?

सवाल है कि ऐसी स्थिति में क्या अंडे खाना बंद कर दिया जाए? जवाब है, नहीं... । अंडा आज भी उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, विटामिन B12, कोलीन और अच्छे फैट्स देता है। समस्या अंडे में नहीं बल्कि अनुचित उत्पादन में है।


बचाव के लिए क्या करें?

अंडे का सेवन रोज करें लेकिन भरोसेमंद ब्रांड या स्थानीय सप्लायर से ही अंडे लें। अंडा लेते समय FSSAI लाइसेंस और ट्रेसिबिलिटी देखें। बहुत सस्ते, अनजान स्रोत से आने वाले अंडों से बचें। कच्चा अंडा न खाएं बल्कि अच्छी तरह पकाएं। हालाँकि पकाने से सभी अवशेष खत्म हों, यह गारंटी नहीं, पर जोखिम घटता है। साथ ही डाइट में विविधता रखें, केवल अंडे पर निर्भर न रहें। 
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