फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cough Causes: लेटते ही शुरू हो जाती है खांसी? समझिए रात में बहुत ज्यादा खांसी आने की वजह क्या है

Mon, 13 Apr 2026 08:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

खांसी की समस्या वैसे तो कभी भी हो सकती है। ज्यादा खांसी आने लगे तो गला छिल तक जाता है। हालांकि रात में अगर खांसी ज्यादा हो रही है तो इसके कारणों को समझना जरूरी  है।
विज्ञापन
1 of 4
खांसी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी खांसी ने परेशान कर दिया है? दिनभर सबकुछ ठीक रहता है, लेकिन रात होते ही ये दिक्कत काफी बढ़ जाती है, इतनी खांसी होती है कि आप चैन से सो भी नहीं पाते? अगर आप भी इसका शिकार हैं तो सावधान हो जाइए। इसे सिर्फ मौसम का असर समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है, कुछ स्थितियों में ये गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है।

खांसी वैसे तो आम समस्या है। मौसम में बदलाव, एलर्जी या फिर अस्थमा जैसी बीमारियों के कारण खांसी की दिक्कत हो सकती है। पर कई बार ये समस्या रात के समय में काफी बढ़ जाती है। अगर आपकी खांसी कई दिनों से सिर्फ रात में ही बढ़ रही है, नींद खराब कर रही है या सांस लेने में दिक्कत पैदा कर रही है, तो तुरंत इस बारे में डॉक्टर से सलाह ले लें। 

आइए जानते हैं कि रात में ज्यादा खांसी आने की असली वजह क्या है?
विज्ञापन

2 of 4
बहुत ज्यादा खांसी-जुकाम - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर बताते हैं, खांसी की समस्या वैसे तो कभी भी हो सकती है। ज्यादा खांसी आने लगे तो गला छिल तक जाता है। हालांकि रात में अगर खांसी ज्यादा हो रही है तो इसके कारणों को समझना जरूरी  है।

रात के समय शरीर की पोजिशन बदलने, तापमान में गिरावट और हवा में मौजूद एलर्जन्स के कारण श्वसन तंत्र ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। जब हम लेटते हैं तो गले और सांस की नली में म्यूकस जमा होने लगता है, जिससे खांसी बढ़ सकती है।


रात में खांसी का कारण क्या है?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जब हम लेटते हैं, तो नाक या साइनस से निकलने वाला बलगम गले के पिछले हिस्से में जमा होने लग जाता है, इससे खांसी बढ़ जाती है। इसके अलावा कुछ प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका एक कारण हो सकती हैं।
 
  • गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग में ये दिक्कत ज्यादा देखी जाती है। पेट का एसिड जब वापस भोजन नली और गले में आ जाता है तो इससे खांसी बढ़ सकती है।
  • अगर आपको अस्थमा है तो रात के समय खांसी ज्यादा हो सकती है।
  • बेडरूम में अगर ऐसी चीजें हैं जो एलर्जी पैदा करने वाली हैं तो खांसी और भी परेशान कर सकती है।
  • बेडरूम की हवा अगर शुष्क है, पालतू जानवरों के बाल या अगर धूल-मिट्टी है तो इससे भी आपकी परेशानी बढ़ जाती है।
विज्ञापन

3 of 4
बहुत ज्यादा खांसी आने का कारण - फोटो : Freepik.com
कहीं ये कोई बीमारी तो नहीं?

अगर रात में खांसी बार-बार आती है और लंबे समय तक बनी रहती है तो यह किसी बीमारी का संकेत हो सकती है। 
 
  • 3 हफ्ते से ज्यादा समय तक रहने वाली खांसी को टीबी का संकेत हो सकती है। इसकी जांच जरूरी है। 
  • ये अस्थमा का संकेत हो सकता है, जिसमें रात या सुबह ज्यादा खांसी होती है। इसके साथ साथ में सीने में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत भी महसूस हो सकती है। 
  • गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज भी रात में खांसी का एक बड़ा कारण है।
  • कुछ मामलों में ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या फेफड़ों की दूसरी बीमारियां भी लगातार खांसी की वजह बन सकती हैं। 

इसलिए अगर खांसी के साथ सांस फूलने, सीने में दर्द, तेज बुखार या लंबे समय तक कमजोरी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
विज्ञापन

4 of 4
समय पर लें डॉक्टरी सलाह - फोटो : freepik
क्या करें उपाय?

अगर खांसी सामान्य सर्दी-जुकाम या एलर्जी की वजह से है तो कुछ घरेलू और लाइफस्टाइल उपाय राहत दे सकते हैं।
 
  •  सोते समय सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोने से गले में म्यूकस जमा नहीं होता।
  •  गुनगुना पानी पीना और पानी में शहद मिलाकर सेवन करने से गले की खराश कम होती है।
  •  कमरे की हवा साफ रखें, धूल और धुएं से बचें।
  • रात में भारी और मसालेदार खाना खाने से बचें। खाने  के तुरंत बाद न लेटें।
  • अगर सामान्य उपायों से आराम न मिले तो बिना देर किए किसी डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें