दूषित जल में हो सकता है हानिकारक रसायन
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इससे कैंसर तक का हो सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जाने-अनजाने कई प्रकार से हम पीएफएएस के संपर्क में आ सकते हैं। दूषित पानी या भोजन का सेवन करने, पीएफएएस से बने उत्पादों का उपयोग करने या पीएफएएस युक्त हवा में सांस लेने से लोग शरीर में इन रसायनों के प्रवेश का खतरा हो सकत है। दीर्घकालिक रूप से ये शरीर में कई प्रकार की बीमारियों का कारक हो सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि से लेकर, लिवर एंजाइम में परिवर्तन, प्रतिरक्षा प्रणाली में कमजोरी, जन्म के समय वजन में कमी और किडनी से लेकर वृषण कैंसर तक का खतरा हो सकता है।
विशेषज्ञ कहते हैं, न्यूजीलैंड सरकार ने इस घातक कैंसर को संपर्क को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है, सभी देशों में इस प्रकार के प्रयासों की आवश्यकता है। जब तक सरकार और दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां गहन शोध और इसके आधार पर हानिकारक एजेंटों पर प्रतिबंध नहीं लगाती हैं, तब तक हम सभी को बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। भोजन को स्टोर करने के लिए प्लास्टिक के कंटेनरों का उपयोग और नॉन-स्टिक कुकवेयर से बचाव करके इस प्रकार के रसायन के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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