लंग्स कैंसर की दवा (सांकेतिक)
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अध्ययन में क्या पता चला?
फेफड़ों के कैंसर वाले 682 रोगियों पर इस दवा का अध्ययन किया गया। लगभग आधे प्रतिभागियों को तीन साल तक दैनिक रूप से यह गोली दी गई, जबकि अन्य आधे को प्लेसबो दिया गया। कैंसर के निदान के पांच साल बाद, प्लेसीबो लेने वाले समूह के 78% की तुलना में इस दवा को लेने वाले 88% रोगी अभी भी जीवित थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि यह दवा फेफड़ों के कैंसर से मृत्यु के समग्र जोखिम को 51% तक कम कर सकती है।