फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri 2023: गरबा के दौरान हार्ट अटैक से 10 लोगों की मौत, डॉक्टर से जानिए क्या है इन समस्याओं की मुख्य वजह

Sun, 22 Oct 2023 03:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव - फोटो : istock
देशभर में नवरात्रि का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है, हालांकि गुजरात से मिल रही खबरें चिंता बढ़ाने वाली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 24 घंटे में गरबा डांस के दौरान करीब 10 लोगों की हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। मृतकों में  एक 13 वर्षीय युवक भी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नवरात्रि के पहले छह दिनों में, 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं को हृदय संबंधी समस्याओं के लिए 521 और सांस फूलने की समस्या के लिए 609 कॉल प्राप्त हुईं। इनमें से ज्यादातर गरबा पांडालों से हैं। 

राज्य सरकार ने गरबा स्थलों के पास सभी लोगों को अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी है। पांडालों में कर्मचारियों को सीपीआर प्रशिक्षण देने और प्रतिभागियों के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कि गरबा पांडालों में हृदय संबंधी समस्याओं के मामले क्यों बढ़ रहे हैं और अगर आप भी पांडालों में जाते हैं तो बचाव के लिए क्या उपाय करते रहने की सलाह दी गई है?
विज्ञापन

2 of 5
हार्ट अटैक और इसके जोखिम - फोटो : iStock
पांडालों में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के केस?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक के मामले पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़े हैं। इसके दो कारण हो सकते हैं- पहला पांडालों में साउंड की तेज आवाज और दूसरा डांस के दौरान हार्ट रेट का काफी बढ़ जाना।

साउंड की तेज आवाज के कारण पहले भी शादियों और उत्सवों के दौरान हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले देखे गए थे। सभी लोगों को इसके जोखिमों को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता है। 
विज्ञापन

3 of 5
तेज आवाज का हार्ट पर असर - फोटो : Pixabay
तेज आवाज का हृदय पर दुष्प्रभाव

क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक बहुत अधिक शोर होना, दिल के दौरे, स्ट्रोक, सीने में दर्द और हार्ट फेलियर के खतरे को भी बढ़ा सकती है। साल 2014 में 20-69 आयु वर्ग के 5223 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों की तेज आवाज के संपर्क में रहने के कारण दोनों कानों से सुनने की क्षमता कम हो जाती है, उनमें दिल की समस्याओं के विकसित होने और हार्ट अटैक के कारण मृत्यु का जोखिम अधिक हो सकता है। 

शादी और किसी भी उत्सव के दौरान साउंड्स की ध्वनि तीव्रता को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।

4 of 5
हृदय का रखें ख्याल - फोटो : istock
गरबा में जाते हैं तो सेहत का रखें ख्याल

अमर उजाला से बातचीत में हृदय रोगों के विशेषज्ञ डॉ एम.आर विपिन कहते हैं, युवाओं में हृदय रोगों के बढ़ते मामले काफी चिंताकारक हैं। तेज संगीत पर नृत्य करने जैसी ऊर्जावान गतिविधियों के दौरान हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्याओं के बढ़ने का खतरा अधिक देखा गया है। 

इसका एक कारण कुछ ऐसी दवाओं या फिर नशीली चीजों का सेवन भी हो सकता है जो हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ा देती हैं। इसके कारण भी दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : istock
कैसे रखें सेहत का ख्याल?

डॉ विपिन कहते हैं, अगर आप गरबा जैसे उत्सवों में जा रहे हैं तो सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि कहें आपको पहले से हाई ब्लड प्रेशर या अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या तो नहीं है? बहुत तेज बेस वाले साउंड्स से दूर रहें, ये हृदय पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा सकते हैं जिसके कारण भी हार्ट अटैक और हृदय की अन्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। यदि डांस के दौरान आपकी हृदय गति बढ़ रही है तो तुरंत आराम करें। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लोगों को इस तरह के उत्सवों में जाने से बचना चाहिए। 



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें