केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार (29 मई 2026) को राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस 6) की रिपोर्ट जारी की, जिसमें देश में स्वास्थ्य सुधार को लेकर किए जा रहे प्रयासों की साफ तस्वीर झलकती है। व्यापक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप अब लाखों बच्चों को पहले की तुलना में बेहतर पोषण मिल रहा है। कुपोषण, डायरिया और शिशु मृत्यु दर में भी बेहतर सुधार देखा जा रहा है।
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों में मौत के सबसे बड़े कारण डायरिया यानी दस्त के मामलों में काफी कमी आई है, लिहाजा इसके कारण होने वाली मौत के मामले भी कम हुए हैं। आंगनवाड़ी सेवाओं से लेकर टीकाकरण अभियान, पोषण योजनाओं से लेकर स्वच्छता कार्यक्रमों तक, कई प्रयासों का असर अब साफ नजर आने लगा है।
हालांकि चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। रिपोर्ट में लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारियों के खतरे को लेकर अलर्ट किया गया है। लेकिन यह रिपोर्ट उम्मीद जगाती है कि सही दिशा में लगातार किए गए प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं। खास बात यह है कि बच्चों की बेहतर सेहत का मतलब सिर्फ उनका स्वस्थ बचपन नहीं, बल्कि देश का मजबूत भविष्य भी है।