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स्टडी: ऑफिस में झपकी लेने से बढ़ जाती है काम करने की रफ्तार

Thu, 22 Aug 2019 01:31 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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sleep in office
ज्यादातर भारतीयों को लगता है कि ऑफिस में झपकी लेने से काम करने की क्षमता और उत्पादन में सुधार हो सकता है। एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है। अध्ययन कहता है कि भारतीय कर्मचारियों का मानना है कि अगर ऑफिस में नैप रूम (जहां थोड़ा देर आराम किया जा सके) हो तो काम अच्छा हो सकता है।
 
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ऑफिस - फोटो : pixabay
1500 लोगों पर किए गए सर्वे के आधार पर यह अध्ययन कहता है कि 86 फीसदी लोगों का मानना है कि अगर ऑफिस में नैप रूप हो तो उनके उत्पादन क्षमता में सुधार हो सकता है। जबकि 70 फीसदी लोगों को ऐसा नहीं लगता है। इस अध्ययन को एक ऑनलाइन स्लीप सॉल्यूशन स्टार्टअप ने किया है। 
 
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sleep disorder - फोटो : file photo
काम के तनाव से नहीं सो पाते कर्मचारी
यह अध्ययन बताता है कि काम के तनाव की वजह से कर्मचारी अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं। 41 फीसदी लोगों ने इस अध्ययन में यह बात स्वीकार की है। इन लोगों का कहना है कि काम के अवसाद की वजह से उनके नींद के पैटर्न में बदलाव आ गया है और वो सही से सो नहीं पा रहे हैं। इसकी एक वजह देर रात तक काम करना भी है।
 
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ऑफिस - फोटो : pixabay
अध्ययन में पता चला है कि 51 फीसदी लोग ऑफिस में काम के दौरान सुस्ती महसूस करते हैं। 31 फीसदी लोग ही रात में सही से सो पाते हैं और 20 फीसदी लोगों को ऑफिस में हर वक्त नींद आती है। तीन दिन में एक बार ऑफिस में 80 फीसदी लोगों को ऐसा महसूस होता है कि वो सो जाएं। अध्ययन यह भी कहता है कि इसी वजह से कर्मचारी ऑफिस में बार-बार चाय और कॉफी पीते हैं ताकि नींद को दूर किया जा सके। 33 फीसदी लोग चाहते हैं कि उनके ऑफिस में नैप रूम हो जहां वो थोड़ा नींद ले सकें। यह अध्ययन कहता है कि 20-30 मिनट की नींद लोगों के भीतर सतर्कता को बढ़ा देती है। इस सर्वे को वेकफिटडॉटको ने किया है।
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