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Stomach Flu: मानसून के दिनों में बहुत आम है पेट की ये दिक्कत, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Thu, 06 Jul 2023 02:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेट में संक्रमण होने की समस्या - फोटो : iStock
मानसून के इस मौसम में सभी लोगों को सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। बरसात के दिनों में जलजमाव और गंदगी के कारण जहां कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, वहीं खान-पान में होने वाली गड़बड़ी के कारण स्टमक फ्लू होने का जोखिम भी अधिक रहता है। पेट के फ्लू को वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस भी कहा जाता है, जिसके कारण आपको पाचन से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस, मुख्यरूप से आंतों में होने वाला संक्रमण है जिसमें दस्त, पेट में ऐंठन, मतली-उल्टी के साथ कभी-कभी बुखार भी हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या दूषित भोजन-पानी का सेवन करने के कारण यह दिक्कत हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में इसका जोखिम अधिक होता है। बरसत के दिनों में इस तरह की समस्याओं से बचाव करते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है।
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बरसात के दिनों में पेट की बीमारियां - फोटो : iStock
बरसात के दिनों में बढ़ जाता है खतरा

मानसून के दौरान गैस्ट्रोएंटेराइटिस या पेट संबंधी अन्य समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है। इसका सबसे पहला कारण आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता की खराबी होती है और दूसरा, मानसून के दौरान खान-पान को लेकर बरती गई असावधानियों को माना जाता है। भोजन के रखरखाव में गड़बड़ी, फलों-सब्जियों को अच्छे से साफ किए बिना उनका सेवन करने या अधपका-बासी भोजन करने के कारण गैस्ट्रोएंटेराइटिस हो सकता है।

चूंकि बरसात के दिनों में इसके वायरस तेजी से बढ़ते हैं इसलिए नम मौसम में इस प्रकार के रोग अधिक देखे जाते रहे हैं।
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पेट में संक्रमण होने का जोखिम - फोटो : iStock
ऐसे जानें कहीं आपको स्टमक फ्लू तो नहीं?

गैस्ट्रोएंटेराइटिस के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के तुरंत बाद शुरू हो जाते हैं। लक्षण 1 से 14 दिनों तक रह सकते हैं। इसमें आपको पाचन में गड़बड़ी से संबंधित कई तरह की दिक्कते होती हैं। 

दिन में 3 बार से अधिक पतला दस्त होना, बुखार या ठंड लगना, उल्टी और सिरदर्द, मांसपेशियों-जोड़ों में दर्द, पेट में ऐंठन और खाने की इच्छा न होना संकेत हो सकता है कि आपको स्टमक फ्लू हो गया है। स्टमक फ्लू के लक्षण डिहाइड्रेशन की स्थिति में और भी गंभीर हो सकते हैं। 

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आहार को स्वस्थ और पौष्टिक रखें - फोटो : Pixabay
स्टमक फ्लू से बचाव कैसे करें?

डॉक्टर बताते हैं, स्टमक फ्लू से बचाव के लिए सबसे आवश्यक है कि आप खान-पान की स्वच्छता को लेकर सावधानी बरतें। विशेषतौर पर इस मौसम में सब्जी-फलों को अच्छे तरीके से धोकर ही इनका सेवन किया जाना चाहिए। अपने हाथों को अच्छे से धोएं और सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे भी ऐसा करें। हाथों के माध्यम से भी बैक्टीरिया के पेट में पहुंचने का खतरा अधिक रहता है। जिन लोगों में यह संक्रमण हो, ऐसे किसी भी व्यक्ति के निकट संपर्क से बचें।
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गैस्ट्रोएंटेराइटिस से बचाव की सावधानियां - फोटो : Istock
ये सावधानियां भी बहुत जरूरी

गैस्ट्रोएंटेराइटिस या पेट संबंधी अन्य समस्याओं से बचाव के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं इस बात का ध्यान रखना बहुत आवश्यक हो जाता है। आइए जानते हैं बरसात के दिनों में किन चीजों का सेवन कम से कम किया जाना चाहिए।
  • ऐडेड शुगर वाले फलों के जूस।
  • कार्बोनेटेड या कैफीन युक्त पेय
  • तले हुए खाद्य पदार्थ
  • बाजार से लाकर तुंरत फलों-सब्जियों का सेवन न करें।
  • अशुद्ध पानी बिल्कुल न पिएं। पानी को पहले उबालें और फिर इसे ठंडा करके ही पीना चाहिए।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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