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डॉक्टर्स ने चेताया: शुरू हो गया है इन दो तरह की गंभीर बीमारियों का मौसम, हो जाएं अलर्ट वरना बढ़ सकती है दिक्कत

Mon, 03 Jul 2023 07:46 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानसून में होने वाली बीमारियां - फोटो : iStock
देशभर में मानसून की शुरुआत हो चुकी है। कुछ दिन बारिश और फिर तेज गर्मी के बाद फिर बारिश, इस तरह के मौसम और तापमान में बार-बार हो रहे परिवर्तन के कारण कई तरह की बीमारियों के बढ़ने का जोखिम शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इस मौसम में सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आपकी थोड़ी सी लापरवाही कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसून के दिनों में हर साल स्वास्थ्य क्षेत्र पर बड़ा दबाव देखा जाता रहा है। इसमें दो प्रकार की बीमारियों के मामले सबसे अधिक देखे जाते रहे हैं। पहला- दूषित भोजन-पानी के कारण होने वाली समस्याएं और दूसरा- मच्छर जनित बीमारियां। ये दोनों ही स्थितियां कई मामलों में आपके लिए दिक्कतों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। सभी लोगों को इन बीमारियों से बचाव करते रहने की आवश्यकता है।
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मानसून की बीमारियां - फोटो : iStock
क्या कहते हैं डॉक्टर?

अमर उजाला से बातचीत में ग्रेटर नोएडा स्थित अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं, नम वातावरण, बरसात के कारण होने वाली गंदगी और तापमान में परिवर्तन के कारण इस मौसम को बैक्टीरिया-वायरस के बढ़ने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इसी वजह से फूड-पॉइजनिंग, पेट में संक्रमण के साथ पाचन से संबंधित कई बीमारियां बढ़ने लगती हैं।

दूसरी तरफ बरसात के कारण हुए जलजमाव मच्छरों के प्रजनन को लिए काफी उपयुक्त होते हैं। जिससे डेंगू-चिकनगुनिया का खतरा रहता है। हर साल इन बीमारियों के हजारों मरीज सामने आते हैं।
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पेट में संक्रमण की समस्या - फोटो : iStock
दूषित भोजन-पानी के कारण होने वाली बीमारियां

बरसात के दिनों में भोजन के रखरखाव और साफ-सफाई में होने वाली दिक्कतों के कारण पाचन में गड़बड़ी से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। टाइफाइड ऐसी ही दूषित जलजनित बीमारी है जिसमें बुखार के साथ पसीना आने, सिरदर्द- शरीर दर्द और पेट दर्द से शुरू हो सकता है। टाइफाइड बिना ढके या खराब खाना खाने और दूषित पानी पीने से होता है। इसी प्रकार दूषित पानी-भोजन के कारण डायरिया, पेट में संक्रमण, उल्टी-दस्त के मरीज भी हर साल काफी बढ़ जाते हैं।

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डेंगू-मलेरिया के जोखिम कारक - फोटो : iStock
मच्छर जनित बीमारियां

बरसात का मौसम मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल होता है। साफ जमा हुए पानी में मच्छर अंडे देते हैं, जिसके कारण डेंगू-चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। डेंगू जैसे रोगों को गंभीर स्थितियों में जानलेवा भी माना जाता है। यही कारण है कि सभी लोगों को मच्छरों के काटने से बचने के उपाय करने चाहिए। डेंगू के मच्छर दिन में और मलेरिया के मच्छर शाम के समय अधिक काटते हैं।
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मानसून में सेहत का रखें ख्याल - फोटो : istock
मानसून में सेहत का कैसे रखें ध्यान?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बरसात के दिनों में जरूरी है कि हम सभी विशेष रूप से अलर्ट रहें। भोजन-पानी की साफ-सफाई, स्वच्छ रखरखाव का ख्याल रखें। फलों-सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर ही सेवन करें। अधपका या बासी भोजन बिल्कुल न करें, इससे सबसे ज्यादा खतरा होता है।

इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए भी साफ-सफाई बहुत आवश्यक है। पानी का जमाव न होने दें, किसी खाली बर्तन, कूलर, गमले के पानी को समय-समय पर खाली करते रहें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। ये कुछ बातों का ध्यान रखकर आप मानसून में होने वाली बीमारियों से बचे रह सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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