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Monsoon Care Tips: बारिश के मौसम में AC का गलत तापमान बिगाड़ सकता है आपकी सेहत, ऐसे रखें अपना ध्यान

Wed, 05 Aug 2026 09:57 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Monsoon Care Tips: बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में गर्मी ने भी करवट ले ली है। इसके बावजूद घरों और दफ्तरों में एकदम कम तापमान पर एसी चलता है। इस मौसम में एसी कितना सही है, आज हम इसी बारे में जानेंगे। 
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मानसून में AC चलाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें - फोटो : AI
Monsoon Care Tips: बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत देता हो, लेकिन यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को भी साथ लेकर आता है। इस दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है और शरीर का तापमान बार-बार बदलता रहता है। ऐसे में कई लोग उमस से बचने के लिए घर और ऑफिस में एसी का तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस तक कर देते हैं। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, मानसून में बहुत कम तापमान पर एसी चलाना सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। 

हालांकि बारिश के मौसम में एसी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है, बल्कि सही तापमान और सही तरीके से इसका उपयोग करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि बारिश के मौसम में एसी इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
 
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मानसून में AC चलाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें - फोटो : AI
मानसून में कम तापमान पर AC चलाने के नुकसान

वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है

बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार बाहर की गर्म और उमस भरी हवा से सीधे बहुत ठंडे एसी वाले कमरे में जाता है, तो शरीर को तापमान में अचानक बदलाव का सामना करना पड़ता है। इससे कुछ लोगों में शरीर की सामान्य प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है और सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण होने की आशंका बढ़ सकती है।

 
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मानसून में AC चलाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें - फोटो : Freepik.com
गले में खराश और खांसी की समस्या

बहुत कम तापमान पर लंबे समय तक एसी चलाने से कमरे की हवा अपेक्षाकृत शुष्क हो सकती है। ऐसी हवा गले और नाक की अंदरूनी परत में सूखापन पैदा कर सकती है। इसके कारण गले में खराश, खांसी, आवाज बैठना या गले में जलन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से एलर्जी, टॉन्सिल या बार-बार गले में संक्रमण की समस्या रहती है, उनमें यह परेशानी अधिक देखने को मिल सकती है। 
 

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मानसून में AC चलाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें - फोटो : Freepik.com

एलर्जी और सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं

मानसून के दौरान हवा में नमी अधिक होने के कारण एसी के फिल्टर और कूलिंग कॉइल पर धूल, फफूंदी (Mold) और अन्य सूक्ष्म कण जमा हो सकते हैं। यदि समय-समय पर फिल्टर की सफाई नहीं की जाती, तो एसी चलने पर ये कण कमरे की हवा में फैल सकते हैं। इससे छींक आना, नाक बहना, आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ या अस्थमा के मरीजों में लक्षण बढ़ सकते हैं। 

 
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मानसून में AC चलाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें - फोटो : Adobe Stock
जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत

बहुत ठंडे वातावरण में लंबे समय तक बैठे रहने से कुछ लोगों की मांसपेशियां सिकुड़ सकती हैं, जिससे जकड़न और अकड़न महसूस हो सकती है। जिन लोगों को पहले से गठिया, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस या कमर दर्द जैसी समस्याएं हैं, उनमें ठंडी हवा असहजता बढ़ा सकती है। इसके अलावा, एसी की हवा यदि लगातार सीधे शरीर पर पड़ती रहे, तो गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द या खिंचाव की शिकायत भी हो सकती है

 
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मानसून में AC चलाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें - फोटो : एआई जनरेटेड
 मानसून में AC चलाने का सही तरीका
 
  • AC का तापमान 24–26°C के बीच रखें।
  •  उमस कम करने के लिए Dry Mode का इस्तेमाल करें।
  •  हर 15–30 दिन में AC का फिल्टर साफ करें।
  • दिन में कुछ समय कमरे का वेंटिलेशन जरूर करें।
  •  AC की ठंडी हवा सीधे शरीर पर न लगने दें।
  •  पर्याप्त पानी पीते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
  • बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों को बहुत ठंडे तापमान से बचाना बेहतर होता है।
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
  
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