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Monkeypox Outbreak: यूरोप में दो हफ्तों में तीन गुना तक बढ़े मामले, इस बार देखे जा रहे हैं अलग तरह के लक्षण, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

Sat, 02 Jul 2022 07:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
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यूरोपीय देशों में मंकीपॉक्स संक्रमण के बढ़ते मामले - फोटो : Pixabay
वैश्विक स्तर पर कोरोना के जारी संक्रमण के बीच यूरोप में मंकीपॉक्स संक्रमण का भी प्रकोप देखा जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप प्रमुख ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में यहां मंकीपॉक्स के मामले तीन गुना से अधिक हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मंकीपॉक्स की इस तेजी से बढ़ना डराने वाला है, ऐसे में सभी लोगों को इससे लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

अधिकारियों में प्रभावित देशों से संक्रमण को काबू करने के लिए अधिक प्रयास करने की अपील की है ताकि इस दुर्लभ बीमारी को फैलने से रोका जा सके।  इससे पहले मंकीपॉक्स का संक्रमण अफ्रीकी देशों में अधिक देखा जाता रहा है, विकसित देशों में मंकीपॉक्स के मामले काफी दुर्लभ माने जाते हैं, हालांकि जिस गति से अब यह बढ़ रहा है, उससे वैज्ञानिक काफी चिंतित है। 

डब्ल्यूएचओ यूरोप के प्रमुख डॉ. हैंस क्लूज  कहते हैं, पिछले सप्ताह ही संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी इस तरह से बढ़ते मामले को लेकर चिंता जता चुकी है। जिस तरह से इस प्रकोप की गति देखी जा रही है और जिस तरह से यह गंभीर संक्रमण विकसित देशों की तरफ बढ़ रहा है, ऐसे में  वैश्विक स्तर पर तत्काल और समन्वित कार्रवाई की जरूरत है। आइए इस गंभीर खतरे के बारे में जानते हैं।
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तेजी से बढ़े संक्रमण के मामले - फोटो : Pixabay
51 देशों में रिपोर्ट किए गए केस

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के 51 देशों से 5,000 से अधिक मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं। मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर कुल मामलों में से 90 फीसदी सिर्फ यूरोपीय देशों से है। आंकड़ों से पता चलता है कि 99% मामले पुरुषों में देखे जा रहे हैं। इनमें भी उन पुरुषों में खतरा अधिक है जो समलैंगिक हैं। अधिकांश लोगों ने दाने, बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और ठंड लगने जैसे लक्षणों की सूचना दी है।
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मंकीपॉक्स का कहर - फोटो : Pixabay
संक्रमितों में देखे जा रहे हैं अलग प्रकार के लक्षण

द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, इस बार के संक्रमण की स्थिति में पिछले प्रकोपों की तुलना में रोगियों के लक्षण बिल्कुल अलग तरीके के देखे जा रहे हैं। शोधकर्ताओं ने लंदन में सेक्सुअल हेल्थ क्लीनिक में आए 54 रोगियों के डेटा का अध्ययन किया। इनमें मई में 12 दिनों के दौरान मंकीपॉक्स का निदान किया गया था। विशेषज्ञों ने पाया कि इन लोगों को जननांग और गुदा क्षेत्र की त्वचा पर घाव था। इस तरह के घाव पिछले मंकीपॉक्स के संक्रमण के दौरान नहीं देखे गए थे।

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मंकीपॉक्स संक्रमण के खतरे को जानिए - फोटो : WHO
रोकथाम को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता

शोधकर्ताओ ने मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों से बचाव को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। विशेषज्ञ कहते हैं, मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति के निकट शारीरिक संपर्क या उसके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़े या चादरों से दूसरों में भी संक्रमण हो सकता है। इनका बड़ी सावधानी से रखरखाव किया जाना आवश्यक है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं में गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की आशंका अधिक होती है, इन्हें विशेष रूप से बचाव करते रहना चाहिए। 
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मंकीपॉक्स के मामलों को लेकर चेतावनी - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

चेल्सी एंड वेस्टमिंस्टर हॉस्पिटल एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के निकोलो गिरोमेटी कहते हैं, वर्तमान में, यूके और कई अन्य देशों में मंकीपॉक्स के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। ज्यादातर मामलों में समलैंगिकता के कारण इसका प्रसार देखा जा रहा है। संक्रमण के प्रसार को रोकने को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है। मंकीपॉक्स के प्रकोप को रोकने के लिए स्मॉलपॉक्स के टीके प्रभावी पाए गए हैं। कई देशों में इन टीकों की उपलब्धता की कमी देखी गई है, स्वास्थ्य संगठनों की टीकों की उपलब्धता को लेकर तेजी से प्रयास करने की आवश्यकता है। विकसित देशों में मंकीपॉक्स का प्रकोप डराने वाला है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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