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Monkeypox Alert: देश में पहला मामला सामने आने के बाद अलर्ट जारी, जानिए किनमें इसका खतरा अधिक, कैसे करें बचाव?

Sat, 16 Jul 2022 06:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मंकीपॉक्स संक्रमण के बारे में जानिए - फोटो : istock
कई यूरोपीय देशों में चिंता का कारण बना मंकीपॉक्स वायरस अब भारत में भी दस्तक दे चुका है। केरल के कोल्लम जिले में देश में पहले मंकीपॉक्स के संक्रमण की पुष्टि की गई है। भारत में अब तक यह मंकीपॉक्स का पहला केस है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि इस सप्ताह संयुक्त अरब अमीरात से लौटे 35 वर्षीय व्यक्ति में संक्रमण का पता चला है। माना जा रहा है कि संक्रमित व्यक्ति अमीरात में एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आया था, जिसमें पहले ही संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी थी।

पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में नमूनों की जांच के बाद भारत में मामले की पुष्टि हुई थी। केरल सहित देश के अन्य राज्यों में भी इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इस साल जनवरी के बाद से, 50 से अधिक देशों में मंकीपॉक्स के मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। देश में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने एलएनजेपी अस्पताल को दुर्लभ वायरल संक्रमण के प्रबंधन के लिए नोडल केंद्र बनाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम अलर्ट हैं और इस गंभीर संक्रमण को नियंत्रित करने के उपाय किए जा रहे हैं। फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, सतर्कता बरतते रहें। आइए इसके खतरे और बचाव के बारे में जानते हैं।
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मंकीपॉक्स संक्रमण में त्वचा पर दाने की समस्या - फोटो : istock
लक्षणों की समय पर पहचान जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है, यह चिकनपॉक्स वायरस के परिवार का हिस्सा है। मंकीपॉक्स के लक्षण चेचक के लक्षणों के समान होते हैं। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है। जिस तरह से देश में संक्रमण का पहला मामला रिपोर्ट किया गया है ऐसे में सभी लोगों को इसके लक्षणों की जांच जरूर करते रहना चाहिए।
  • बुखार-सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • लिम्फ नोड्स में सूजन।
  • ठंड लगना
  • गंभीर थकावट।
  • चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों जैसे हाथ, पैर, छाती, जननांग या फुंसी या फफोले दिखना।
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मंकीपॉक्स के खतरे को जानिए - फोटो : Pixabay
मंकीपॉक्स से बचाव कैसे करें?

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कुछ बातों का ध्यान रखकर मंकीपॉक्स से बचाव किया जा सकता है। 
  • जिन लोगों में मंकीपॉक्स जैसे लक्षण दिखते हों उनकी त्वचा के निकट संपर्क से बचें।
  • मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति के साथ आलिंगन या संभोग न करें।
  • मंकीपॉक्स वाले व्यक्ति के साथ खाने के बर्तन या कपड़े-बिस्तर साझा न करें।
  • अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
  • उन स्थानों की यात्रा करने से बचें जहां पर मंकीपॉक्स के रोगियों की हाल-फिलहाल पहचान की गई है।

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मंकीपॉक्स से बचाव के उपाय जरूरी - फोटो : istock
मंकीपॉक्स हो जाए तो क्या करें?

मंकीपॉक्स संक्रमण दुर्लभ है और इसके घातक होने का खतरा बहुत ही कम होता है। संक्रमण से बचाव के तरीकों को प्रयोग में लाकर आप सुरक्षित रह सकते हैं। हालांकि यदि आपको फिर भी मंकीपॉक्स का संक्रमण हो जाता है तो खुद को आइसोलेट कर लें जिससे संक्रमण फैलने न पाए। यदि आपमें इस संक्रमण के लक्षण जैसे दाने या बुखार आदि हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके स्थिति का सही निदान और उपचार कराएं।
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मंकीपॉक्स के खतरे से करें बचाव के उपाय - फोटो : istock
मंकीपॉक्स संक्रमण का जोखिम कैसे कम करें?

मंकीपॉक्स संक्रमण से बचे रहने के लिए टीकाकरण सबसे बेहतर उपाय माना जाता है। चिकनपॉक्स के लिए प्रयोग में लाए जा रहे टीके आपको मंकीपॉक्स के खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं। मंकीपॉक्स जूनोटिक रोग है और इसके बच्चों तथा अन्य गंभीर कॉमारबिडिटी वाले लोगों होने का जोखिम अधिक होता है। आंकड़ों के मुताबिक मंकीपॉक्स संक्रमण की गंभीर स्थिति में मृत्युदर 11 प्रतिशत तक हो सकती है, बचाव के उपाय करके इससे सुरक्षित रहा जा सकता है।



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स्रोत और संदर्भ

Monkeypox Prevention

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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