मोनिका अग्रवाल
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में आप कई जिम्मेदारियां निभाती हैं। घर, ऑफिस, बच्चे और रिश्तों के बीच सामंजस्य भी बनाना भी आपका ही काम होता है। ऐसे में आप माइग्रेन से पीड़ित हों तो हर एक दिन चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि माइग्रेन में सिर्फ सिर दर्द नहीं होता, बल्कि यह मतली, थकान और रोशनी या आवाज से संवेदनशीलता भी साथ लाता है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, दवाओं और सही जीवन-शैली से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
सुबह की शुरुआत
दिन की पहली घड़ी पूरे दिन की ऊर्जा को तय करती है, इसलिए रोज तय समय पर उठने की आदत डालें, चाहे छुट्टी ही क्यों न हो। जागते ही तुरंत फोन या स्क्रीन न देखें। कुछ मिनट स्ट्रेचिंग के बाद 10-15 मिनट योग या ध्यान के लिए निकालें। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम तनाव कम करके माइग्रेन की तीव्रता को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।