फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शरीर में पहुंच रहे माइक्रोप्लास्टिक कितने खतरनाक? जानें सेहत पर क्या पड़ता है असर

Tue, 15 Sep 2026 10:49 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Microplastics Health Risks: जाने-अनजाने में हम सभी के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक जाते ही हैं। इसका शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है और किस तरीके से ये हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, आज हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे।
विज्ञापन
1 of 5
शरीर में पहुंच रहे माइक्रोप्लास्टिक कितने खतरनाक? - फोटो : AI
Microplastics Health Risks: प्लास्टिक आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके बेहद छोटे कणों को लेकर वैज्ञानिकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। माइक्रोप्लास्टिक यानी पानी, भोजन और हवा के जरिए हमारे शरीर तक पहुंच सकते हैं। 

कुछ अध्ययनों में मानव शरीर के अलग-अलग हिस्सों और नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक के कण मिलने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, इनके कारण इंसानों में होने वाले दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर अभी वैज्ञानिक शोध जारी है और हर संभावित नुकसान को निश्चित नहीं माना जा सकता। 

ऐसे में सवाल उठता है कि माइक्रोप्लास्टिक आखिर शरीर में कैसे पहुंचता है, इसका संभावित असर क्या हो सकता है और रोजमर्रा की जिंदगी में इससे संपर्क कम करने के लिए क्या सावधानियां बरती जा सकती हैं? आइए समझते हैं।
 
विज्ञापन

2 of 5
शरीर में पहुंच रहे माइक्रोप्लास्टिक कितने खतरनाक? - फोटो : AI
 माइक्रोप्लास्टिक क्या होते हैं?

 माइक्रोप्लास्टिक प्लास्टिक के बेहद छोटे कण होते हैं, जिनका आकार आमतौर पर 5 मिलीमीटर से कम होता है। ये बड़े प्लास्टिक उत्पादों के टूटने से बन सकते हैं या कुछ उत्पादों और औद्योगिक प्रक्रियाओं से सीधे पर्यावरण में पहुंच सकते हैं।

 
विज्ञापन

3 of 5
शरीर में पहुंच रहे माइक्रोप्लास्टिक कितने खतरनाक? - फोटो : AI
शरीर में माइक्रोप्लास्टिक कैसे पहुंचते हैं?

शरीर में सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और कोशिकाओं पर संभावित प्रभाव जैसे विषय शामिल हैं। कुछ शोधों में माइक्रोप्लास्टिक और ह और उससे किसी बीमारी का सीधे कारण-परिणाम संबंध साबित होना अलग बातें हैं। इंसानों पर लंबे समय के प्रभावों कोक्रोप्लास्टिक के शरीर में पहुंचने के प्रमुख संभावित रास्ते हैं:
 
  • पानी के जरिए
  •  भोजन के जरिए
  • हवा और धूल के कणों के जरिए
  •  प्लास्टिक पैकेजिंग के संपर्क में आने वाले खाद्य पदार्थों के जरिए
  • कुछ प्लास्टिक उत्पादों के इस्तेमाल के दौरान

 

4 of 5
शरीर में पहुंच रहे माइक्रोप्लास्टिक कितने खतरनाक? - फोटो : AI
माइक्रोप्लास्टिक से क्या नुकसान हो सकता है?

 वैज्ञानिकों ने माइक्रोप्लास्टिक को लेकर कई संभावित स्वास्थ्य प्रभावों की जांच की है। इनमें शरीर में सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और कोशिकाओं पर संभावित प्रभाव जैसे विषय शामिल हैं। कुछ शोधों में माइक्रोप्लास्टिक और हृदय, प्रजनन तथा मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के बीच संभावित संबंधों की जांच भी हुई है।

 हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि किसी अध्ययन में माइक्रोप्लास्टिक की मौजूदगी मिलना और उससे किसी बीमारी का सीधे कारण-परिणाम संबंध साबित होना अलग बातें हैं। इंसानों पर लंबे समय के प्रभावों को समझने के लिए अभी और उच्च गुणवत्ता वाले शोध की जरूरत है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शरीर में पहुंच रहे माइक्रोप्लास्टिक कितने खतरनाक? - फोटो : AI
रोजमर्रा में माइक्रोप्लास्टिक का संपर्क कैसे कम करें?
 
  • प्लास्टिक की बोतल की जगह संभव हो तो स्टील या कांच की बोतल इस्तेमाल करें
  •  गर्म खाना सीधे प्लास्टिक कंटेनर में रखने से बचें
  •  माइक्रोवेव में प्लास्टिक कंटेनर इस्तेमाल करने से पहले निर्माता के निर्देश जरूर देखें
  • खाने-पीने की चीजों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक प्लास्टिक में स्टोर न करें
  • घर में नियमित सफाई रखें ताकि धूल के कणों का संपर्क कम हो
  •  सुरक्षित और साफ पानी का इस्तेमाल करें

 ध्यान रखें कि माइक्रोप्लास्टिक के स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर शोध अभी जारी है। इसलिए डरने के बजाय प्लास्टिक के अनावश्यक इस्तेमाल और संपर्क को कम करना एक व्यावहारिक कदम हो सकता है।

-------------------------

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें