ऑफिस के काम के दबाव, सामाजिक-पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण चिंतित-तनाव महसूस करना स्वाभाविक है, पर क्या आप अक्सर ही ऐसा अनुभव करते रहते हैं? हर छोटी-छोटी बात को लेकर तनाव में आ जाने, अक्सर एंग्जाइटी महसूस करते रहने की आदत आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। तनाव-चिंता की इस समस्या को अगर समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो इसके कारण डिप्रेशन का जोखिम भी बढ़ जाता है। डिप्रेशन, मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्याओं में से एक है। ऐसे में अगर आप भी अक्सर एंग्जाइटी महसूस करते रहते हैं तो तुरंत सावधान हो जाएं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, चिंता कई चीजों के कारण हो सकती है, ऐसे में जरूरी है कि उस समस्या को पहचानें और उसे ठीक करने का प्रयास करें। कुछ लोगों में आनुवंशिक रूप से भी चिंता बढ़ने का खतरा हो सकता है, ऐसे लोगों को अपने जोखिम कारकों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। एंग्जाइटी को ट्रिगर करने वाले कारणों को पहचाने और उनसे दूर रहने का प्रयास करें, फिर भी लाभ नहीं मिल रहा है तो इस बारे में किसी मनोचिकित्सक की सहायता जरूर ले लें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि हमारे दैनिक जीवन की कई आदतें एंग्जाइटी को बढ़ावा देने वाली हो सकती हैं, इनसे भी बचाव करते रहना आवश्यक हो जाता है। आइए जानते हैं चिंता को कम करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?