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Anemia: ब्लड टेस्ट में बार-बार आ रही है खून की कमी? सावधान, कहीं प्रजनन स्वास्थ्य पर न पड़ जाए इसका असर

Thu, 13 Aug 2026 10:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनीमिया और फर्टिलिटी का कनेक्शन क्या है? क्या खून की कमी से गर्भधारण में परेशानी हो सकती है? पुरुषों में इसका क्या असर पड़ता है, अगर आपके मन में भी ये सवाल है तो आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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Iron Rich Foods - फोटो : AI
शरीर में खून की कमी एक बहुत आम समस्या है, वैसे तो महिलाओं में ये दिक्कत ज्यादा देखी जाती रही है पर ये समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। खून की कमी होने के कारण थकान, चक्कर आने, थोड़ा सा काम करने पर भी सांस फूलने और हमेशा कमजोरी महसूस होती रहती है। पर अगर आपके ब्लड टेस्ट में बार-बार हीमोग्लोबिन कम आ रहा है तो सावधान हो जाइए, ये सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है।

हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है, यह फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने का काम करता है। जब हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, तो शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। यही वजह है कि एनीमिया होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या खून की कमी आपकी प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी को भी प्रभावित कर सकती है? 
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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
खून की कमी और एनीमिया

महिलाओं में खून की कमी और एनीमिया का खतरा सबसे ज्यादा होता है, भारत में करीब 57% महिलाएं इसका शिकार हैं। पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग, खाने में आयरन की कमी, गर्भावस्था और शरीर की बढ़ी हुई पोषण संबंधी जरूरतों के कारण महिलाओं में एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है।  लंबे समय तक एनीमिया रहने पर शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। 
 
  • खून में 13.5 gm/dl से कम हीमोग्लोबिन इस बात का सूचक है कि आपको एनीमिया की समस्या हो सकती है। 

अब सवाल उठता है कि एनीमिया की स्थिति क्या प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है। जिन लोगों में खून की कमी है क्या वह स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकते हैं?
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इंफर्टिलिटी की समस्या - फोटो : Freepil.com
एनीमिया का प्रजनन पर असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आयरन शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करता है, कोशिकाओं के विकास और निर्माण में इसकी भूमिका मानी जाती है। शोध इस तरफ इशारा करते हैं कि शरीर में आयरन की कमी प्रजनन विकार, जन्म के समय कम वजन, समय से पहले प्रसव और यहां तक कि गर्भपात तक का कारण बन सकती है।
 
  • एनीमिया वाली महिलाओं को ओवुलेशन में परेशानी होती है और ओवुलेशन नहीं होने से गर्भवती होना लगभग असंभव हो जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आयरन की कमी होने पर गर्भाशय-अंडाशय जैसे आवश्यक अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त की मात्रा कम हो जाती है, यह स्थिति अंडे की गुणवत्ता में खराबी और प्रजनन की अन्य जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। महिलाओं की तरह पुरुषों में भी एनीमिया होने पर प्रजनन और शुक्राणुओं से संबंधित दिक्कत होने का खतरा रहता है।
 
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डाइट में आयरन वाली चीजें जरूरी - फोटो : Freepik.com
आयरन वाली चीजों का करें सेवन

यदि आपको खून की कमी नहीं भी है तो भी आहार की पौष्टिकता का ध्यान रखें, इसमें पर्याप्त मात्रा में आयरन वाली चीजों को जरूर शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स आदि के माध्यम से आसानी से शरीर के लिए आवश्यक आयरन की पूर्ति की जा सकती है। गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह पर आयरन की गोलियों का सेवन करें, जिससे अगले चरणों में इससे संबंधित समस्याओं को कम किया जा सके।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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