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Summer Health Alert: गर्मियों में ब्लड प्रेशर लो हो गया है तो क्या करें? डॉक्टर ने बताया कैसे मिलेगा आराम

Sat, 23 May 2026 06:49 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गर्मियों में खाली पेट रहना, ज्यादा देर धूप में काम करना, डिहाइड्रेशन, शराब या कैफीन का अधिक सेवन और पर्याप्त नींद न लेना आपमें लो ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है। अगर आपका भी बीपी लो हो जाए तो जानिए तुरंत इसमें क्या करना चाहिए?
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लो बीपी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
इन दिनों राजधानी दिल्ली-एनसीआर में पारा 45 डिग्री के पार दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप-गर्मी और लू ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। डॉक्टर कहते हैं, बढ़ती गर्मी के साथ हीट स्ट्रोक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल हीट स्ट्रोक के दो मरीज हैं। ओपीडी में तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आने और धूप के कारण त्वचा की समस्याओं के साथ मरीजों के आने का सिलसिला लगातार बना हुआ है।

डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को हीटवेव से बचाव करते रहना चाहिए। बढ़ता तापमान कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। गर्मी के इस मौसम में लोगों में लो ब्लड प्रेशर की समस्या भी काफी बढ़ जाती है। ब्लड प्रेशर का बढ़ना जितना खतरनाक है, इसका कम होना भी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

ऐसे में सवाल है कि अगर गर्मी के दुष्प्रभावों के कारण आपका ब्लड प्रेशर लो हो जाए तो क्या उपाय किए जाने चाहिए? इस समस्या से कैसे राहत पाई जा सकती है?
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लो बीपी के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
गर्मियों में लो बीपी की समस्या

अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर तुषार शर्मा बताते हैं, गर्मियों का मौसम सिर्फ पसीना, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याओं का ही कारण नहीं बनता है, इसका ब्लड प्रेशर पर भी असर होता है।
 
  • जब शरीर का तापमान बढ़ने लगता है तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए नसों को फैलाता है, जिससे ब्लड प्रेशर लो होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • बीपी लो होने के कारण कई लोगों को अचानक चक्कर आने, कमजोरी महसूस होने, आंखों के आगे अंधेरा छाने या बेहोशी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। 
  • इसके अलावा गर्मियों में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से भी ब्लड प्रेशर लो होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
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ब्लड प्रेशर लो होने की समस्या - फोटो : Adobe Stock
क्यों लो हो जाता है ब्लड प्रेशर?

डॉक्टर कहते हैं, गर्मियों में डिहाइड्रेशन होना काफी सामान्य है, पर डिहाइड्रेशन को सामान्य मानकर अनदेखा करते रहना खतरनाक हो सकता है।
 
  • गर्मियों में लगातार पसीना आने के कारण सोडियम और पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल्स कम होने लगते हैं।
  • इनकी कमी से कमजोरी और बीपी की समस्या होती है। 
  • अगर किसी का ब्लड प्रेशर लगातार बहुत कम है और ये ठीक नहीं हो रहा है तो इसका दिमाग, हार्ट और किडनी पर भी असर हो सकता है।

अगर आप भी इन दिनों लो बीपी और इसके लक्षणों का सामना कर रहे हैं तो आइए जान लेते हैं कि इससे कैसे आराम पाया जा सकता है?

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ब्लड प्रेशर लो होने पर क्या करें? - फोटो : Freepik.com
लो बीपी में तुरंत क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर अचानक लो हो जाए तो कुछ सामान्य उपायों से आराम पाया जा सकता है।
 
  • सबसे पहले लक्षणों पर ध्यान दें। क्या उसे चक्कर, कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस हो रहा है?
  • इस तरह की दिक्कतों में तुरंत बीपी चेक करें। अगर रीडिंग 90/60 से कम है तो तुरंत नींबू पानी में एक-दो चुटकी नमक मिलाकर पिलाएं।
  • मरीज के पैरों को थोड़ा ऊपर उठाकर लिटाएं ताकि खून का प्रवाह दिमाग की तरफ बढ़ सके। इससे कई बार व्यक्ति को तुरंत राहत मिलती है।
  • शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी पूरी करने के लिए ओआरएस का घोल दें।
  • हालांकि जिन लोगों को हार्ट या किडनी की बीमारी है, उन्हें ज्यादा नमक लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है।
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थकान-कमजोरी की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
बीपी लो हो गया है तो क्या न करें?
 
  • अगर किसी का बीपी लो है तो उसे अचानक खड़े होने या चलने न दें, इससे बेहोश होकर गिरने का खतरा बढ़ सकता है। 
  • कपड़े को ढीला कर दें ताकि शरीर को आराम मिल सके। 
  • कई बार लंबे समय तक भूखे रहने से भी ब्लड प्रेशर गिर सकता है, इसलिए हल्का और पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है।
  • लो बीपी के कारण अगर बेहोशी हो जाए या सांस तेज चल रही हो तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए। 

लो बीपी में कॉफी पीनी चाहिए या नहीं? अगर आपके मन में भी ये सवाल है तो यहां एक क्लिक में जान सकते हैं जवाब



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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